बलिया (हि.स.)। गंगा, टोंस और मगई नदी में उफान से जिले के दर्जनों गांवों में सैकड़ों परिवारों को अपने आशियाने छोड़ने पड़े हैं। पशुओं के लिए भी चारे का संकट पैदा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ प्रभावित क्षेत्रों में 76 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं, जिसमें आठ क्रियाशील हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को मेडिकल किट और पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ राहत व बचाव कार्य के लिए जिलाधिकारी अदिति सिंह के नेतृत्व में सभी सम्बन्धित विभागों की टीम लगी है। बैरिया तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में युद्धस्तर पर हर बाढ पीड़ित तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा की व्यवस्था है और प्रतिदिन भूसा का वितरण भी पशुपालकों के बीच किया जा रहा है।
मंगलवार को बैरिया तहसील क्षेत्र के गोपालपुर व दयाछपरा गांव में 1200 फूड पैकेट और 540 तिरपाल का वितरण बाढ़ पीड़ितों के बीच किया गया। खाद्यान्न वितरण भी दोनों गांवों में किया गया।
हर बाढ़ चौकी पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट व अन्य स्टाफ तैनात हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की गर्भवती एवं कोमार्विड व्यक्तियों को चिन्हित कर सूची तैयार की जा रही है और उनका उपचार किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए 750 औषधि किट (एन्टी बॉयोटिक, ओआरएस, जिंक, बुखार एवं खुजली के लिये ट्यूब) तैयार की गयी है, जिसमें 106 किट वितरित भी कर दी गई है। बाढ़ प्रभावित प्रत्येक ब्लाक में एक-एक 108 एम्बुलेन्स अलग से लगायी गयी है। बाढ़ ग्रस्त सभी चिकित्सा इकाईयों पर एंटी स्नैक वेनम एवं जीवनरक्षक औषधियाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
पशुओं के इलाज और चारे का इंतजाम
पशुपालन विभाग की ओर से बैरिया तहसील में 12 बाढ़ चौकी व सदर तहसील में 20 बाढ़ चौकी क्रियाशील कर दी गयी है। वहां पहले से कार्यरत 6 पशु चिकित्साधिकारी, 15 पशुधन प्रसार अधिकारी के अलावा 7 पशु चिकित्साधिकारी व 4 पशुधन प्रसार अधिकारी की अतिरिक्त तैनाती कर दी गयी है। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर लगातार पहुंचाया जा रहा है। मंगलवार को कुल दस शिविर में 34 कुंतल भूसा वितरित किया गया तथा 180 पशुओं का इलाज हुआ। अब तक किसी प्रकार की पशु हानि नहीं हुई है।
आश्रय स्थलों पर बनाये गए अस्थाई शौचालय
सभी एडीओ पंचायत अपने ब्लॉक के अन्तर्गत बाढ़ चौकियों या आश्रय स्थलों पर प्रभावित परिवार के लिए अस्थायी शौचालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई आदि की व्यवस्था का निरन्तर अनुश्रवण कर रहे हैं। जिले की समस्त 34 बाढ़ चैकियों एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ पीड़ितों के लिए स्थापित अस्थायी आश्रय स्थलों पर दस-दस अस्थायी शौचालयों का निर्माण सम्बन्धित ग्राम पंचायतों के माध्यम से करा लिया गया है। वहां 15-15 की संख्या में सफाई कर्मचारियों की रोस्टरवार ड्यूटी लगायी गयी है।
