– राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का पहला पड़ाव किया पार
बलिया (हि.स.)। सनबीम स्कूल बलिया के तीन और स्वामी सहजानंद इंटर कालेज गोविंदपुर के एक बाल वैज्ञानिक ने राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) का पहला पड़ाव पार कर लिया है। अब ये बाल वैज्ञानिक देश भर के बाल वैज्ञानिकों से लोहा लेंगे। इस सफलता पर सनबीम स्कूल में खुशी का माहौल है।
राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस नए भारत के लिए राष्ट्रीय विज्ञान प्रतिभा खोज कार्यक्रम है, जिसका आयोजन विज्ञान भारती, विज्ञान प्रसार, एनसीईआरटी और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया जाता है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस कार्यक्रम का आयोजन कक्षा 10 से 17 साल तक के स्कूली छात्रों में विज्ञान व तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित कराया जाता है।
देश में बाल विज्ञानियों को निखारने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार पारिषद द्वारा आयोजित देश का सबसे बड़ा विज्ञान टैलेंट सर्च एग्जाम 2021-22 के लिए भी ‘सतत जीवन हेतु विज्ञान’ को शोध का मुख्य विषय रखा गया है। इस बार न्यू इंडिया के अंतर्गत डिजिटल आयोजित किया गया। 29वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के प्रथम स्तर की परीक्षा में सनबीम स्कूल बलिया के तीन होनहारों लाइबा अली, उत्कर्ष पांडेय और अनुपम मिश्रा और बलिया के ही स्वामी सहजानन्द इंटर कालेज गोविंदपुर से आयुषी राय को राज्य स्तर पर होने वाले ऑनलाइन प्रजेंटेशन के लिए चयनित किया गया है। यह जिले के लिए गर्व की बात है। क्योंकि शायद ही किसी जिले के सभी चार बाल वैज्ञानिक ओरल प्रजेंटेशन के लिए चयनित हुए हों।
राष्ट्रीय फलक पर दावेदारी का आगाज कर इन छात्रों ने अपने विद्यालय को ही नहीं अपितु अपने जिले को भी आश्चर्यचकित कर दिया है। सनबीम स्कूल बलिया के निदेशक डा. कुंवर अरुण सिंह ने छात्रों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में यह सनबीम स्कूल बलिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है, जब उसके छात्र एक बार फिर जीत के आगाज के साथ देश भर के बाल विज्ञानियों से मुकाबला करने के लिए पूरे जोश के साथ तैयार हैं।
विद्यालय के अध्यक्ष संजय कुमार पांडेय, सचिव अरूण कुमार सिंह ने छात्रों, उनके परिजनों एवं शिक्षकों को बधाई दी। प्रधानाध्यापिका श्रीमती सीमा ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उनके मेंटर्स का आभार व्यक्त किया। हेड मिस्ट्रेस ज्योत्सना तिवारी ने अपने छात्रों की सफलता पर हर्ष जताया।
प्रशासक एसके चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चों की वैज्ञानिक प्रतिभा निखारने में पंकज सिंह, अनूप सिंह, अनुराग सिंह, प्रदीप कुमार, पीके यादव, श्वेता श्रीवास्तव, नीरज सिंह, विश्वनाथ, प्रभात कुमार, जयप्रकाश यादव व विनीत दुबे आदि का योगदान सराहनीय रहा।
पंकज
