बलिया (हि.स.)। रेलवे स्टेशन के आरपीएफ इंस्पेक्टर को गुरुवार को बलिया रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में 12 सौ डॉलर (भारतीय मुद्रा में 85 हजार) समेत एक लाख बीस हजार रुपये कीमत के सामानों से भरा बैग मिला। रेल पुलिस ने बैग में मिले कागजातों के आधार पर उसे सिकन्दरपुर थाना के बस्ती बुजुर्ग निवासी युवक को सुपुर्द कर दिया।
बस्ती बुजुर्ग निवासी अनुज गुप्ता इराक में रह कर नौकरी करते हैं। अनुज आनंद विहार टर्मिनल बलिया एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन से गुरुवार को उतरकर घर चले गए। ट्रेन के बलिया रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक एके सिंह अपने मातहतों के साथ गश्त करते हुए बलिया रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक पर ट्रेन नम्बर 04055 के कोच संख्या एस फोर में चेकिंग कर रहे थे। तभी उन्हें सीट 59 पर काले कलर का पिट्ठू बैग लावारिस हालत में दिखा। उस समय कोच में कोई भी यात्री मौजूद नहीं था। प्लेटफार्म पर बैठे यात्रियों से बैग के बारे में पूछताछ किया तो किसी ने उसे अपना नहीं बताया। पुलिस ने बैग खोलकर देखा तो उसमें एक मोबाइल फोन मिला, जो बंद था। उसमें एक पासपोर्ट भी मिला। जिस पर अनुज गुप्ता का नाम अंकित था।
आरपीएफ के सिपाहियों ने आनंद विहार से बलिया तक के ई-टिकट पर दर्ज मोबाइल नम्बर सम्पर्क कर यात्री अनुज को उसके बैग के बारे में बताया। यह जानकर अनुज ने बताया कि बैग ट्रेन में भूलवश छूट गया था। आरपीएफ के इंस्पेक्टर एके सिंह ने बताया कि युवक की दिल्ली से बलिया तक यात्रा थी। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट पर पहचान कर यात्री अनुज गुप्ता से बैग में रखे सामानों का मिलान कराया गया। उसमें एक मोबाइल फोन, एक हेडफोन, 12 सौ अमेरिकी डॉलर और पासपोर्ट समेत खाने-पीने का सामान था। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग एक लाख बीस हजार आंकी गई। अपना सामान पाकर अनुज गुप्ता बहुत खुश हुए। अपने सामान और डॉक्यूमेंट पाकर उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल की प्रशंसा की।
पंकज
