रोहित गुप्ता
उतरौला/बलरामपुर
तपन और उमस भरी गर्मी में होने वाली विद्युत कटौती से उपभोक्ताओं के साथ छोटे छोटे बच्चे भी परेशान हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में 18घंटे बिजली की आपूर्ति संबधित शासन का फरमान उतरौला क्षेत्र में नाकाम सिद्ध हो रहा है।मनमानी कटौती का यह आलम है कि आपूर्ति 6से 8घंटे सिमट कर रह गई है कोई निर्धारित रोस्टर नही है कि बिजली कब आयेगी और कब जाएगी। ऐसा हाल तब है जब लोग उमस भरी गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है।अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत उपकेंद्र उतरौला से क्रमश: अलग अलग फीडरों के जरिए विद्युत आपूर्ति की जाती है यहां से चमरूपुर फीडर,महुवा फीडर,श्रीदत्तगंज फीडर का संचालन होता है।
अवर अभियंता,उप खंड अधिकारी से लेकर अधिशाषी अभियंता तक के कार्यालय हैं जहां कर्मचारियों की फौज मौजूद रहती है जिससे क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति की उम्मीदें की जाती हैं, लेकिन वर्तमान समय में बिजली चोरी आदि को लेकर आम उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने में सक्रिय दिखाई देने वाला बिजली महकमा कम से कम शासन की मंशानुरूप क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति कर पाने में फिसड्डी साबित हो रहा है।बिजली कटौती का रवैया सांय 6से 8बजे भी अपनाया जाता है रात में कुछ घंटे बिजली टिकने की उम्मीद तो की जाती है लेकिन लगातार कटौती के चलते 2से 4घंटे भी बिजली मिल पाना मुश्किल हो जाता है।
