रोहित गुप्ता
उतरौला/बलरामपुर
बदलते मौसम और बढ़ते तापमान से परेशानियां बढ़ गई है।तेज धूप में घरों से बाहर निकलने पर लोग बीमारियों के चपेट में आ रहे हैं।इस प्रचंड गर्मी से ग्रामीणों को दुश्वारियां झेलनी पड़ती है।दोपहर के समय में सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।इसके अलावा अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में वृध्दि देखी जा रही है।बीमारियों से बचाव के लिए सीएचसी अधीक्षक डा०चन्द्र प्रकाश सिंह ने आवश्यक जानकारी देते हुए कहा है कि लू से बचने के लिए भीषण धूप में निकलने से बचना चाहिए, बहुत जरूरी होने पर आप बाहर निकलते भी हें तो काटन के आरामदायक कपड़े पहनकर निकलें।
साथ ही पूरे शरीर को ढककर निकलें।गर्मी के मौसम में देर तक धूप में घूमने से पसीना अधिक निकलता है जिससे पानी न पिया जाए तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है।इससे आप डिहाइड्रेशन से ग्रस्त हो सकते हैं।शरीर में पानी की कमी होगी तो हीट स्ट्रोक ,लू लगने की संभावना बढ़ जाती है।ऐसे में जितना है सके तरल पदार्थ का सेवन करें।इस मौसम में खुद को हाइड्रेटेड रखना चाहिए,शरीर को अंदर से ठंडा रखने वाले शीतल पेय पदार्थों का सेवन करें डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर आपको चक्कर ,थकान जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं इसलिए इस मौसम में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं।
लू भरे मौसम में शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी
भोजन और पेय पदार्थों के संबध में जानकारी देते हुए सीएचसी अधीक्षक डा०चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि लू भरे इस मौसम में शरीर को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है।भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखना बेहद आवश्यक है।इसलिए गर्मियों में नारियल पानी के साथ मुसम्मी संतरे के जूस का भी सेवन करें।साथ ही साथ विटामिन सी वाले फलों का सेवन करने से बीमारियां पनपने का खतरा कम होता है।उन्होंने कहा कि गर्मी में बहुत अधिक तेल और मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए,लू हीट स्ट्रोक से बचने के लिए घर का बना फ्रेश खाना खाएं साथ ही डाइट में मौसमी हरी सब्जियों और फलों को खूब शामिल करें।
