Tuesday, March 3, 2026
Homeदेवीपाटन मंडलबलरामपुरबलरामपुर : मैं हूं और मैं रहूंगा थीम पर जागरूकता कार्यक्रम गुरुवार...

बलरामपुर : मैं हूं और मैं रहूंगा थीम पर जागरूकता कार्यक्रम गुरुवार को :विश्व कैंसर दिवस

जीवनशैली में बदलाव लाकर कर सकते हैं कैंसर से बचाव 
बलरामपुर (हि.स.)। हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।  गुरुवार को  ‘‘मैं हूं और मैं रहूंगा’’ थीम पर जनपद  में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
विश्व कैंसर दिवस पर इस घातक बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। दुनिया की सभी जानलेवा बीमारियों में कैंसर सबसे खतरनाक माना जाता है क्योंकि कई बार इसके लक्षणों का हमें पता ही नहीं चलता और जब इस बीमारी का खुलासा होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। 
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विजय बहादुर सिंह ने बुधवार को बताया कि मानव शरीर में कोशिकाओं के समूह की अनियंत्रित वृद्धि को वैज्ञानिक भाषा में कैंसर कहा जाता है। कैंसर से युक्त ये कोशिकाएं जब शरीर में मौजूद टिश्यू को प्रभावित करती हैं, तो कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी प्रसारित होने लगता है। उन्होने बताया कि कैंसर के अनेकों रूप हैं, जैसे ब्रेन कैंसर, लंग कैंसर, स्तन कैंसर, स्टमक कैंसर, थायरॉड कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, बोन कैंसर, ब्लैडर कैंसर, पेंक्रियाटिक कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, गर्भाशय कैंसर, किडनी कैंसर, मुंह का कैंसर आदि अनेकों रूप में कैंसर देखने को मिलता है और अभी भी इसकी गिनती निश्चित नहीं है। भिन्न भिन्न प्रकार के कैंसर विभिन्न प्रकार के कारणों की वजह से होते हैं साथ ही साथ हर प्रकार के अपने कुछ विशेष लक्षण होते हैं। 
ये हैं कैंसर के कुछ विशेष लक्षणसीएमओ डा. विजय बहादुर सिंह ने बताया कि कैंसर की कुछ विशेष अवस्थाओं में वजन अनियमित रूप से बढ़ता है जैसे पेट का कैंसर इत्यादि। लक्षणों में बालों का अत्यधिक मात्रा में एक साथ टूटना, लंबे समय तक गले में खराश होना, शरीर में किसी भी तरह की गांठ का अनियंत्रित बढना, किसी भी घाव का लंबे समय तक ठीक न होना, कैंसर के लक्षणों में सांस फूलना और हर वक्त थकान का बने रहना भी शामिल है। पेट की समस्या का लंबे वक्त तक बने रहना और पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना गर्भाशय कैंसर का लक्षण हो सकता है। 
यह हो सकता है कैंसर का कारण अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बी.पी. सिंह ने बताया कि यूं तो ऐसे बहुत से कारण हैं जिनसे कैंसर के होने का खतरा बढ़ जाता है। नशीले पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन, व्यायाम रुपी शारीरिक गतिविधि का अभाव, पौष्टिक आहार ना लेना शरीर में होने वाले कैंसर का प्रमुख कारण है। 
डा. बी.पी. सिंह ने बताया कि स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, बेसल सेल कैंसर, त्वचा कैंसर (मेलेनोमा), पेट का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, ल्यूकेमिया और लिम्फोमा आम तौर पर होने वाले कैंसर में शामिल हैं।  इसलिए हमें समय समय पर अपने शरीर की जांच कराते रहना चाहिए। 
ऐसे करें कैंसर से बचाव जीवनशैली में बदलाव लाकर हम कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाव कर सकते हैं। इसके लिए विभिन्न प्रकार की सब्जियां, फल, फलियां, मेवा और साबुत अनाज खाएं। नियमित शारीरिक गतिविधियां करें। मोटापे से बचें। सुरक्षित यौन पद्यति अपनाएं। सिगरेट और तंबाकू से बचें। अल्कोहल का सीमित उपयोग करें। एचपीवी और हेपेटाइटिस बी वायरस के खिलाफ टीकाकरण कराएं। कैंसरकारी तत्वों से बचाव करें। चेतावनी के संकेतों के बारें में जानें। नियमित स्वास्थ्य जांच और कैंसर परीक्षण कराएं।
 

RELATED ARTICLES

Most Popular