बलरामपुर (हि.स.)। जनपद के तुलसीपुर में दो चिकित्सकों के बीच मोबाइल पर गाली गलौज व मुख्यमंत्री को अपशब्द मामलें में कार्रवाई के बजाय स्वास्थ्य विभाग लीपापोती में जुटा हुआ है। कार्रवाई गालीबाज चिकित्सक पर करने के बजाए स्वास्थ्य अधीक्षक पर की गई है। जिसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।
बीतें दिनों तुलसीपुर स्वास्थ्य क्षेत्र के महाराजगंज तराई उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉक्टर सुहेल अहमद खान व तुलसीपुर में तैनात चिकित्सक आशीष तिवारी के बीच किसी बात को लेकर मोबाइल पर गाली गलौज हुई, जिसमें डॉक्टर सुहेल अहमद द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी अपशब्द कहा गया।
मामले का ऑडियो वायरल होते ही सीएमओ द्वारा आनन-फनन मामले को लेकर अधीक्षक तुलसीपुर डॉ.सुमंत सिंह जांच अधिकारी बनाया गया। जांच अधिकारी बनाने के दो दिन बाद ही सीएमओ ने मुख्यमंत्री को अपशब्द कहने वाले चिकित्सक पर कार्रवाई के बजाय लीपापोती करते हुए उन्हें सीएमओ कार्यालय संबद्ध कर दिया। मामले की गाज चिकित्सा अधिकारी तुलसीपुर डॉ. सुमंत पर गिरी है।
डा. सुमंत को वहां से हटाते हुए नंद नगर में तैनाती की गई है। जो सीएमओ के कार्यशैली चर्चा का विषय बनी हुई है। डा. सुमंत को हटाने को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। स्वास्थ्य कर्मियों ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय की घेराव भी की थी।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। निर्देश मिलते ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। रविवार को मामले को लेकर तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला कहा कि मुख्यमंत्री को अपशब्द कहने वाले चिकित्सक पर कार्यवाही होनी चाहिए, प्रकरण को लेकर उच्चाधिकारियों से बात कर दोषियों पर कार्यवाही कराई जाएगी।
