-सोशल मीडिया पर छाया सरकार से विश्वविद्यालय की मांग का मुद्दा
बलरामपुर(हि.स.)। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग तेज हो गयी है। इसकी मांग को लेकर जनपद में हस्ताक्षर अभियान शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा छाया हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी 21 मार्च को दो दिवसीय भ्रमण पर देवीपाटन आये थे। विश्वविद्यालय निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों से चर्चा हुई थी। उसके बाद से जनपद में ही विश्वविद्यालय निर्माण की कवायद होने लगी है। इससे पूर्व गोंडा जनपद में निर्माण को लेकर जमीन देखी जा रही थी। सामाजिक सरोकार से जुड़े लोग मां पाटेश्वरी के नाम के अनुरूप मां पाटेश्वरी के क्षेत्र में ही विश्वविद्यालय निर्माण की मांग कर रहे हैं।
बलरामपुर मुख्यालय पर वरिष्ठ पत्रकार सर्वेश सिंह की अगुवाई में सोमवार को हस्ताक्षर अभियान शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि मां पाटेश्वरी के नाम पर देवीपाटन मंडल की घोषणा हुई लेकिन तत्कालीन सरकार ने मुख्यालय बलरामपुर की बजाय गोंडा बना दिया। मां पाटेश्वरी के नाम पर प्रदेश की योगी सरकार ने मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की घोषणा की तो मंडल मुख्यालय से जुड़े अधिकारी व नेता विश्वविद्यालय निर्माण की कवायद गोंडा में करने लगे। यह बलरामपुर के साथ नाइंसाफी है। मुख्यमंत्री के जनपद भ्रमण के उपरांत जनभावना को देखते हुए बलरामपुर में ही निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री का सकारात्मक पक्ष रहा है।
जब तक विश्वविद्यालय निर्माण को लेकर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जाता तब तक समूचे जनपद में अभियान चलेगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान बड़ा जनआंदोलन का रूप लेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बलरामपुर मांगे विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय लेकर के स्लोगन लिखते हुए लोग मांग कर रहे हैं। श्रावस्ती के पूर्व सांसद दद्दन मिश्रा ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जनपद बलरामपुर में ही विश्वविद्यालय निर्माण की मांग की है।
तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला ने बताया कि बीते दिनों मुख्यमंत्री के बलरामपुर आगमन पर विश्वविद्यालय तुलसीपुर के आसपास ही निर्माण कराए जाने को लेकर जनभावनाओं से अवगत कराया गया था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद से जमीन की खोज की जा रही है। उप जिलाधिकारी तुलसीपुर मंगलेश दुबे ने बताया कि तुलसीपुर में अभी एक स्थान पर जमीन देखी गई है। जिले के अन्य स्थानों पर जमीन की तलाश चल रही है।
प्रभाकर कसौधन
