Thursday, April 2, 2026
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बलरामपुर :बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है प्रदेश सरकार : योगी आदित्यनाथ

-जिले के बाढ़ क्षेत्रों का दौरा करने के बाद बोले मुख्यमंत्री

बलरामपुर(हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जिले में बाढ़ वाले क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कहा कि इस आपदा से प्रभावित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है, सभी को हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

सदर तहसील के ग्राम मझउवा में बाढ़ प्रभावितों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अगस्त- सितंबर के बजाय अक्टूबर माह में भारी बारिश हो रही है। इस कारण बलरामपुर की जनता को अप्रत्याशित बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले तीन-चार वर्षों में राप्ती नदी पर बाढ़ रोकने के लिए काफी कार्य किए गए। इससे जिले में बाढ़ की त्रासदी का सामना नहीं करना पड़ रहा था लेकिन पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण अप्रत्याशित बाढ़ आ गयी। बाढ़ प्रभावित जिलों का जायजा लेने के लिए मंत्रियों के समूह को भेजा जा रहा है।

जनपद बलरामपुर में 380 से भी अधिक के ग्राम बाढ़ प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित परिवारों को युद्ध स्तर पर राहत सामग्री वितरित किए जाएं। जिला प्रशासन को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। इसमें आटा, चावल, गेहूं, चना, तेल, नमक, दाल, माचिस, मोमबत्ती, बाल्टी जैसी चीजें शामिल हैं। नदी के जलस्तर बढ़ने से तेज प्रवाह के कारण मुख्य मार्ग कट गए हैं।इस कारण राहत एवं बचाव कार्य थोड़ा बाधित हुआ। प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनहानि पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा तत्काल उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी परिवार का मकान क्षतिग्रस्त हो गया है, तो उन्हें मुख्यमंत्री आवास उपलब्ध कराया जाए। जिनके मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए तथा पशुहानि हुई है, उन्हें भी आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सांप, बिच्छू अथवा जंगली जानवर के काटने पर पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। सांप काटने पर तत्काल एंटी वेनम टीका लगाए जाना सुनिश्चित करें। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी वेनम टीका एवं कुत्ते के काटने का टीका उपलब्ध हो। इसमें लापरवाही बिल्कुल न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के पानी उतरने के बाद तत्काल स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं छिड़काव की कार्यवाही तेजी से चलाया जाए। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, लोगों को पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक किया जाए। किसान जिनकी फसल का बाढ़ एवं सूखे से नुकसान हुआ है, नुकसान का सर्वे कराते हुए, तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ की त्रासदी का मुकाबला सभी मिलकर करें। जिन बाढ़ प्रभावित गांवों में भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं है, वहां पर कम्युनिटी किचन की व्यवस्था की जाए। यदि गांव में कम्युनिटी किचन उपलब्ध नहीं हो पा रही है, तो वहां पर सुबह एवं रात्रि का भोजन उपलब्ध कराया जाए।

प्रभाकर

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