
रोहित गुप्ता
उतरौला/बलरामपुर
खेती करना अब किसानों के लिए आसान नही रह गया है।कभी प्राकृतिक आपदा तो कभी सिचाई ,खाद बीज की सुविधा समय से न मिल पाने के चलते संकट झेलना पड़ता है।
वहीं बेसहारा मवेशी अन्नदाताओं के जी का जंजाल बने हुए हैं।झुंड के झुंड यह जानवर ग्रीष्मकालीन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
शासन द्वारा तय 30अप्रैल को समय सीमा समाप्त हो चुकी है,लेकिन बेसहारों को ठौर अब तक नही मिला।उतरौला तहसील क्षेत्र के गांव व कस्बों में बेसहारा मवेशी झुंड में घूम घूम कर किसानों के गन्ना,मक्का , धान की नर्सरी,व सब्जी के फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। सरकारी आदेश के तहत अब किसान कटीले तारों से बाड़बंदी नही कर सकते हैं वे रस्सी व पतले रस्सियों से फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन कोई लाभ नही मिल रहा है।किसान बाबूलाल,गुल मोहम्मद ,राजू ने बताया कि लगभग दर्जनों की संख्या में बेसहारा मवेशी गांव झुंडों में घूम घूमकर फसलें बर्बाद कर रहे हैं।यह बे सहारा मवेशी किसानों के लिए काल बन गए हैं।
