रोहित गुप्ता
उतरौला/बलरामपुर
नगर पालिका परिषद द्वारा कूड़ा डंपिंग व निस्तारण को लेकर कोई अफसर ध्यान नही दे रहा है जबकि इसको लेकर हाल ही मे उच्चतम न्यायालय ने कूड़ा निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने का आदेश दिया था। इतना सब होने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा कोरा आश्वासन से हटकर कोई ठोस पहल करता दिखाई नहीं पड़ रहा है।
जिसके चलते कभी पचपेड़वा मार्ग गुरूदयाल डीह के पास तो कभी डुमरियागंज मार्ग पर डंपिंग करने पर विवश होना पड़ता था। मजे की बात यह है कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पाली पाला गांव के आगमन पर पचपेड़वा मार्ग पर गुरूदयालडीह सड़क किनारे डंप कूड़े को तालपत्री व पलास्टिक से ढकने का प्रयास किया गया था । क्योंकि इस कूड़े से निकलने वाली दुर्गन्ध से वहां के बाशिंदों के अलावा उधर से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।नगर पालिका इस कूड़ा स्थल को लेकर ठोस पहल नही की तो लोग कैसे रहेंगे।इसको लेकर समाजसेवियों द्वारा भी कई बार आवाज उठाई जा चुकी है लेकिन समस्या ज्यों का त्यों बनी हुई है।
उतरौला विकास समिति के निवर्तमान महासचिव मोहम्मद नूरुउल्ला खान बताते हैं कि इस गंभीर समस्या को लेकर काफी समय से शिकायत की जा रही है लेकिन अभी तक नगर पालिका प्रशासन द्वारा इस समस्या से निजात नही दिलाया गया है।नगर पालिका प्रशासन के वरिष्ठ लिपिक नीरज कुमार ने बताया कि फिलहाल सड़क किनारे कहीं भी कूड़ा डंप नही किया जा रहा है अल्ला नगर के पास एक गड्ढे में जगह मिला है जहां डंपिग किया जाता है वैसे कूड़ा प्रबंधन निस्तारण के लिए भूमि की तलाश की जा रही है।
