रोहित गुप्ता
उतरौला/बलरामपुर
नगर पालिका परिषद उतरौला में अध्यक्ष के पद का सीधा जनता से चुनाव होने पर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कभी नहीं आया। अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव न आने से अध्यक्ष ने सभासदों से मिलकर उतरौला नगर के विकास योजनाओं को लागू कराया था।
नगर पालिका परिषद उतरौला बनने के बाद नगर पालिका परिषद उतरौला के अध्यक्ष पद पर विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता के चुने जाने पर उनके कार्यकाल में कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं आया। भाजपा से चुने गए नपाप के रह चुके अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता का कहना है कि उनके कार्यकाल के दौरान सभी सभासदों के सहयोग से विकास कार्य कराए जाते रहे हैं। विपक्षी पार्टियों के सभासदों का विकास कार्यों में सहयोग रहता रहा। नपाप उतरौला के पूर्व अध्यक्ष अमर नाथ गुप्ता ने बताया कि उनके कार्यकाल में सपा के सभासदों ने उनका सहयोग बना रहा। विपक्षी सभासदों ने कभी भी अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस नहीं दी। सबके सहयोग से नगर क्षेत्र का विकास कराया गया। सपा से पहली बार महिला अध्यक्ष अफसर जहां निर्वाचित हुई। उनके कार्यकाल में विपक्षी पार्टियों ने कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं दाखिल किया। इसी तरह उनके बाद रोशन जहां सपा से अध्यक्ष निर्वाचित हुई। उन्होने बताया कि उनके कार्यकाल में कोई अविश्वास प्रस्ताव नहीं आया। उसके बाद भाजपा से अध्यक्ष पद पर अनूप चन्द्र गुप्ता निर्वाचित हुए। अनूप चन्द्र गुप्ता ने बताया कि उनके कार्यकाल में कोई सभासद अविश्वास प्रस्ताव लैकर नहीं आया। उसके बाद सपा से मोहम्मद इदरीस खा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। उनकी मृत्यु लगभग तीन साल के कार्याकाल में हो गई थी। उनके कार्यकाल में भी किसी सभासद ने कोई प्रस्ताव नहीं किया। इस तरह नगर पालिका परिषद उतरौला में कभी भी अविश्वास प्रस्ताव नहीं आने से विकास कार्य होते रहे।
बलरामपुर:नगर पालिका परिषद उतरौला में कभी भी अविश्वास प्रस्ताव नहीं आने से विकास कार्य होते
RELATED ARTICLES
