– मुख्य वन संरक्षक ने अप्रवासी पक्षियों को ट्रैप कर आवश्यकता अनुसार सीरम जांच कराने के दिए निर्देश
लखनऊ(हि.स.)। कई राज्यों में एवियन इंफ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) के कारण हो रही पक्षियों की असमय मृत्यु को लेकर प्रदेश का वन विभाग सचेत हो गया है। इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक सुनील पांडेय ने पक्षी विहारों में आ रहे अप्रवासी पक्षियों को ‘ट्रैप’ कर आवश्यकतानुसार उनका सीरम जांच के लिए भोपाल भेजने के आदेश के साथ ही कई एहतियात बरतने के निर्देश दिये हैं।
शुक्रवार को मुख्य वनसंरक्षक ने आदेश दिया है कि ऐसे ऐसी सभी वाटर बाडीज को चिन्हित किया जाए, जहां पर माइग्रेटी या स्थानीय पक्षियों का आवागमन होता है। वहां पर कड़ी निगरानी रखने के लिए फील्ड स्टाफ को सचेत किया जाय। इसके साथ ही माइग्रेटी व स्थानीय पक्षियों का आवागमन एवं मृत्यु आदि पर सुनियोजित आकड़े एकत्र किये जायें एवं इसकी सूचना शासन व पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराते हुए इस कार्यालय को भी उपलब्ध करायें।
उन्होंने निर्देशित किया कि वाटर बाडीज के चिन्हींकरण हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रभागीय वनाधिकारी, जिला आधिकारी एवं अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई विभाग की सदस्यता वाली समिति का गठन किया जाये। यदि पक्षी विहारों के आस-पास के मृत पक्षियां मिलती हैं तो उनका पोस्टमार्टम वन विभाग एवं पशुधन विभाग द्वारा रेंडम सेंपलिंग जांच भोपाल से करायी जाय।
यह बता दें कि केरल, हिमाचल प्रदेश तथा कनार्टका जैसे राज्यों में बर्ड फ्लू से बड़ी सख्या में प्रवासी तथा स्थानीय पक्षियों की मृत्यु हुई है। अभी तक उत्तर प्रदेश में एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) के कारण किसी भी पक्षी के मृत्यु की सूचना प्राप्त नही हुई है। दूसरे प्रदेशों में बढ़ रही घटनाओं को देखकर वन विभाग द्वारा सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये हैं।
