संवाददाता उतरौला, बलरामपुर।
नगर क्षेत्र के निवासी नगर पालिका की उदासीनता का दंश झेलने को विवश हैं। नालियों की सफाई कूड़े का उठान या गलियों की सफाई के लिए न तो ईओ ही जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं न सफाई लिपिक या सफाई नायक ही। स्थिति यह है कि बंद नालियों के चलते गंदा पानी लोगों के घरों में जमा रहता है और सफाई लिपिक का जवाब मिलता है कि वह क्या कर सकते हैं। सवाल यह है कि जब सफाई लिपिक खुद को असहाय पा रहे हैं तो उन्हें इस पद पर रख कर केवल वसूली ही कराई जानी है। शनिवार को नगर के आर्यनगर मुहल्ले में चोक नाली के चलते अनेक घरों में गंदा पानी जमा हो गया। सड़क पर भी गंदा पानी फैल गया था। रविवार को वार्डवासियों ने जब सफाई लिपिक से समस्या के निदान का अनुरोध किया तो उनका जवाब था कि हम क्या कर सकते हैं। वार्ड की सड़कें खुदी हुई हैं। मुख्य मार्ग पर कई दिनों से कूड़ा पड़ा है जो फैल गया है। इस दयनीय स्थिति के बाद भी नगर पालिका खुद को सफाई के प्रति असहाय पा रही हो तो सभी वार्डों की बदहाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस संबंध में जब ईओ राजमणि वर्मा से कहा गया तो उनका भी जवाब गोल मटोल रहा। जब जिम्मेदार भी जन समस्याओं के प्रति इतने संवेदनहीन बने हों तो आम जनता को नारकीय स्थिति से छुटकारा कौन दिलाएगा। रविवार शाम तक कोई भी सफाईकर्मी स्थिति के निराकरण के लिए मौके पर नहीं पहुंचा था।
बदहाली में नारकीय जीवन जी रहे आदर्श नगरपालिका के निवासी, जिम्मेदारों की उदासीनता बनी
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