नई दिल्ली (हि.स.)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि किसानों का हित केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। इस वित्त वर्ष में सरकार 20 लाख करोड़ रुपये तक का ऋण किसानों को उपलब्ध कराने जा रही है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि किसानों के लिए उनकी जरूरत से जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए किसान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप बढ़ाने पर जोर दे रही है। अधिक से अधिक स्टार्टअप कृषि क्षेत्र में बढ़े इसके लिए डिजिटल एक्सीलेटर फंड बनेगा। इस फंड को कृषि निधि नाम से जाना जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मोटे अनाजों का उत्पादन और खपत बढ़ाना चाहती है। इस लिए सरकार “श्री अन्न योजना” ला रही है। इस योजना के माध्यम से मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। वित्त मंत्री ने इस दौरान मिलेट्स संस्थान बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि देश में बागवानी फसलों को और बढ़ाया जाए। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। वित्त मंत्री ने देश में बागवानी क्षेत्र के विकास के लिए वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 2,200 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है साथ ही मछली पालन के लिए 6000 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार देश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में काम करी है। देश के किसान प्राकृतिक खेती की ओर आकर्षित हों इसके लिए सरकार अगले तीन वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए मदद करेगी। इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए देश में 10,000 जैव इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
आशुतोष
