–मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने उत्कृष्ट शिक्षक व पुरा छात्रों को किया सम्मानित
प्रयागराज (हि.स.)। बच्चों के विकास में माता-पिता के बाद अध्यापकों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। सही मायने में बच्चों के विकास में भारतीय संस्कृति व संस्कार की शिक्षा देने का कार्य माता-पिता के बाद अध्यापक का होता है। अगर शिक्षा सबको साथ लेकर चलने वाली होगी तो उसकी बुनियाद मजबूत होगी। शिक्षा राष्ट्रवाद और विकास पर होगी तो निश्चित तौर से भारत आगे बढ़ेगा।
उक्त विचार प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने शिक्षक दिवस पर संविलियन पूर्व माध्यमिक विद्यालय पीपलगांव में आयोजित अवकाश प्राप्त शिक्षक एवं उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 40 साल से अपराध की दुनिया शहर पश्चिमी के लोगों ने देखा है, जमीन कब्जा कर लो, हर पार्टी का आदमी यही कार्य कर रहा था। गुंडई चरम सीमा पर थी। उत्तर प्रदेश में शहर पश्चिमी अपराध की निशानी बनी हुई थी। चार सालों में शहर पश्चिमी की पहचान विकास बन गया है।
इस अवसर पर सिद्धार्थ नाथ ने विकासखंड भगवतपुर में अवकाश प्राप्त शिक्षक एवं उत्कृष्ट शिक्षक और पुरा छात्र रहे लोगों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। कहा कि 1985 में पीपलगांव प्राइमरी स्कूल में अध्ययन करने वाले पुरा छात्र राम विशाल पाल जो शिक्षक बने तथा किशन गुप्ता, कान्हा गुप्ता, भारत लाल पाल, हरि सिंह यादव, रामानंद पाल पूर्व प्रधान पीपलगांव को सम्मानित करते हुए अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
इस अवसर पर अवकाश प्राप्त शिक्षक सलमान हुसैन, वीरेंद्र त्रिपाठी, गीता निगम, जयंती देवी, पद्मावती गुप्ता, नसरीन तलक एवं उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से रितु मिश्रा, भारतीय शर्मा, पंकजा ठाकुर, नाइला इकबाल, अवंतिका को शाल व नारियल देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आप सब अपने गुरु के पदचिन्हों पर चलते हुए राष्ट्र व समाज के रचनात्मक कार्यों में अपना योगदान दें, जिससे मजबूत राष्ट्र का निर्माण हो। यही स्व. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
