झांसी (हि.स.)। नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित सिविल लाइंस स्थित कोआपरेटिव बैंक के पीछे घनी आबादी में रविवार उस समय हड़कम्प मच गया जब एक बंद मकान में मां-बेटे की लाश मिली। पुलिस इसे कोई आपराधिक मामला स्वीकार नहीं कर रही है।
सिविल लाइंस में कोआपरेटिव बैंक के पीछे एक मकान से असहनीय दुर्गन्ध आस-पड़ोस के लोगों को लगी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मकान का दरवाजा खोल कर जांच पड़ताल की तो सभी हतप्रभ रह गए। कमरे में प्रेमलता (85) और उसके बेटे रवि (45) का रक्त रंजित शव पड़ा हुआ था। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम भेजा। दोनों किन परिस्थितियों का शिकार हुए प्रश्नचिन्ह बना हुआ है। क्षेत्र में तरह- तरह की चर्चा है।
मोहल्ला निवासियों का कहना है कि प्रेमलता के पति रेलवे कर्मचारी थे और लोग उन्हें बाबू जी के नाम से जानते थे। बाबू जी की भी कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। इसके बाद यहां पर मां-बेटा अकेले ही रहते थे। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
इस संबंध में एसपी सिटी ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मकान में मां और बेटे ही रहते थे। बेटा अवसाद का शिकार था। 19 अक्टूबर से घर में किसी का आना जाना प्रतीत नहीं हुआ। फिर भी पड़ताल की जा रही है। मौत करीब चार दिन पूर्व की प्रतीत होती है।
महेश/दीपक/दिलीप
