– डीआईओएस ने बताया कि जिले में 11 टीमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराएंगी
मुरादाबाद (हि.स.)। जनपद में कई निजी स्कूल कोरोना कॉल के सत्र 2020-21 की फीस का 15 प्रतिशत समायोजन करने में आनाकानी कर रहे हैं। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने मंडलायुक्त के निर्देश पर जांच के लिए 11 टीमों का गठन कर दिया हैं। जिन स्कूलों में सुप्रीम कोर्ट के 15 फीसदी फीस समायोजन के आदेश का पालन नहीं हो रहा हैं, वहां जाकर यह टीमें जांच करेंगी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराएंगी।
कोरोना काल में निजी स्कूलों में बच्चों के अभिभावकों के द्वारा पूरे सत्र की फीस जमा की गई थी। बच्चों ने छह माह से अधिक आनलाइन शिक्षा ग्रहण की थी, इसी को लेकर फीस वापसी के लिए देश भर में बच्चों के अभिभावकों और अभिभावक एसोसिएशनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर उच्चत्तम न्यायालय ने वर्ष 2020-21 की फीस का 15 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को वापस करने का निर्णय दिया था। न्यायालय ने कहा कि जो बच्चे अभी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनकी 15 प्रतिशत फीस वर्तमान सत्र में समायोजित की जाए और जो बच्चे स्कूल छोड़कर जा चुके हैं उनको उस सत्र की 15 प्रतिशत फीस वापस कर दी जाए। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल छोड़कर चुके बच्चों की फीस वापसी पर कुछ सप्ताह की रोक लगा दी हैं, जिसकी आड़ में निजी स्कूलों ने 15 फीसदी फीस समायोजन को भी रोक दिया है। जिसकी शिकायत अभिभावक लगातार जिलाधिकारी व जिला विद्यालय निरीक्षक के समक्ष कर रहे हैं।
इस मामले में मुरादाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे ने गुरुवार को कहा कि मंडलायुक्त के निर्देशों के तहत 15 फीसदी फीस समायोजन पर आनाकानी कर रहे निजी स्कूलों की जांच करवाई जाएगी। इसके लिए 11 टीमों का गठन कर दिया है। प्रत्येक टीम में राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य और दो शिक्षक शामिल किए गए हैं। यह टीमें स्कूलों में जाकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कराएंगी। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जो विद्यार्थी विद्यालय छोड़कर गए हैं, उनकी फीस वापसी पर रोक है। जो विद्यार्थी विद्यालय में लगातार पढ़ रहे हैं, उनकी फीस का 15 प्रतिशत शुल्क समायोजित किया जाए। जिन स्कूलों में आदेश का पालन नहीं हुआ है, उनके विरुद्ध जिला शुल्क नियामक समिति के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
निमित जायसवाल
