फिरोजाबाद (हि.स.)। मैस के खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाला सिपाही आदतन झगड़ालू है। पहले वह 15 वार दंडित हो चुका है। यह दावा पुलिस के अधिकारियों का है। इस प्रकरण की जांच सीओ को सौंपी गई है।
अलीगढ़ निवासी सिपाही मनोज कुमार फिरोजाबाद न्यायालय के समन सेल में तैनात है। सिपाही मनोज कुमार बुधवार को हाथ में खाने की थाली लेकर सड़क पर आ गया था। सिपाही ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने सिपाहियों को खाने में पौष्टिक आहार दिये जाने के निर्देश दिये हैं, लेकिन यहां मैस में उसे खाने में पतली दाल व सुखी रोटी दी जा रही है। मैस में जो खाना दिया जाता है उसे इंसान तो क्या कुत्ते भी नहीं खा सकते। वह इसकी शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों व स्वयं बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से कर चुके हैं।
उन्होंने खाने का ट्वीट भी आलाधिकारियों को किया है, लेकिन उसके बावजूद भी जब कोई सुनवाई नहीं की गई तो वह जनता के समक्ष अपना दर्द साझा कर रहे हैं। सिपाही का तो यह भी आरोप था कि पुलिस के अधिकारी उन्हें बर्खाश्त करने की धमकी तक दे रहे हैं। सिपाही खाने की थाली लेकर हाइवे पर बैठ गया था। इधर सिपाही के खाने की थाली लेकर सड़क पर पहुंचने की भनक लगने के बाद पुलिस की टीम सिपाही को जबरन जीप में बैठाकर पुलिस लाइन ले गयी थी। सिपाही के इस पूरे हाइबोल्टेज ड्रामा का वीडियो किसी ने बना लिया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस सम्बंध में एसएसपी के सोशल मीडिया सेल ने जानकारी दी है कि मैस के खाने कि गुणवत्ता से सम्बन्धित शिकायती ट्वीट प्रकरण में खाने की गुणवत्ता सम्बन्धी जांच सीओ सिटी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता आरक्षी को आदतन अनुशासनहीनता, गैरहाजिरी व लापरवाही से सम्बन्धित 15 दण्ड विगत वर्षाे में दिये गये हैं।
कौशल
