फिरोजाबाद (हि.स.)। कृषि कानूनों को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत द्वारा किये गये भारत बंद का सोमवार को फिरोजाबाद में कोई असर दिखाई नहीं दिया। इधर भारतीय किसान यूनियन ने इसका विरोध करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार से सख्त कार्यवाही की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत द्वारा काफी समय से केंद्र सरकार द्वारा बनाये गए कृषि कानून का विरोध कर इन्हें वापस लेने की मांग की जा रही है। आंदोलन को कई महीने भी बीत चुके हैं लेकिन विरोध अभी भी जारी है। किसान यूनियन टिकैत ने 27 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया था। सोमवार को फिरोजाबाद में इस भारत बंद का कोई असर दिखाई नहीं दिया। रोजाना की तरह बाजार पूरी तरह खुले नजर आये। सड़कों पर वाहन दौड़ रहे थे। आवागमन पूरी तरह से सुचारू था।
इधर भारतीय किसान यूनियन टिकैत द्वारा कृषि कानून के विरोध में भारत बंद के इस आवाह्न का भारतीय किसान यूनियन भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने विरोध किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना बयान जारी करते हुए कहा है कि टिकैत एंड कम्पनी अपनी आतंकवादी सोच को बढ़ावा दे रही है। इस भारत बंद से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, जिनमें किसान भी शामिल है। ऐसे में किसान नेताओं को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए। टिकैत एंड कंपनी की किसानों को परेशान करने की नीयत है। इससे किसानों का इससे कोई भला नहीं होगा बल्कि इससे अर्थव्यवस्था खराब होगी और किसान भी प्रभावित होंगे। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह बंद से दूर रहे।
उन्होनें केन्द्र व प्रदेश सरकार से भी मांग की है कि जो संगठन आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं ऐसे संगठनों पर सख्ती से कार्यवाही होनी चाहिए।
