नई दिल्ली(हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट ने फास्ट टैग में धनराशि न होने पर टोल गेट पर दोगुनी नकद राशि वसूलने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र को 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 अप्रैल को होगी।
याचिका वकील रवींद्र त्यागी ने दायर की है, जिसमें इस आदेश को चुनौती दी गई है जिसमें फास्ट टैग खाते में धनराशि नहीं होने पर टोल गेट पर दोगुनी नकद राशि वसूलने का प्रावधान है। याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के 16 फरवरी 2021 एवं 19 जुलाई 2019 और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के 3 मार्च 2021 के सर्कुलर के मुताबिक सभी टोल लेन को फास्ट टैग लेन घोषित कर दिया गया। इन सर्कुलरों के मुताबिक अगर फास्ट टैग किसी वजह से काम नहीं कर रहा है या उसमें पैसा नहीं है तो दोगुनी राशि वसूली जाएगी। याचिका में कहा गया है कि फास्ट टैग में राशि नहीं होने पर दोगुनी राशि वसूलने का आदेश संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि दोगुनी राशि वसूलने की कोई ठोस वजह नहीं बताई गई है।
संजय
