Sunday, April 12, 2026
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फाइलेरिया रोधी दवा खाने से काई न छूटे : बृजेश पाठक

फाइलेरिया रोगियों के इलाज का प्रबंधन अवश्य किया जाये

लखनऊ (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने गुरूवार को प्रदेश के 19 जनपदों में शुरू होने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारम्भ किया । उदघाटन के मौके पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि

“फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का लक्ष्य पूर्ण रूप से प्राप्त करने के लिए हमें सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी लाभार्थी फाइलेरिया रोधी दवा खाने से न छूटे। इसके लिए प्रदेश से लेकर ग्राम स्तर के अंतिम छोर तक गहन मोनिटरिंग के साथ कार्य करना होगा साथ ही जनपद से लेकर ब्लॉक स्तर के समस्त फाइलेरिया रोगियों की सूची बनाकर उनके इलाज का प्रबंधन सुनिश्चित किया जाये।

डॉ. नूपुर रॉय ने कहा कि प्रदेश में सभी सहयोगी संस्थाएं, सरकार के साथ जिस तरह समन्वय बनाकर कार्य कर रहीं हैं, पूरी आशा है कि प्रदेश से फाइलेरिया का उन्मूलन बहुत जल्दी होगा ।

निदेशक संचारी रोग डॉ. ए.के.सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि आशा के माध्यम से उसके क्षेत्र के प्रत्येक परिवार के पात्र लाभार्थी द्वारा फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के सामने ही सुनिश्चित किया जाये ।

इस अवसर पर, संयुक्त निदेशक फाइलेरिया एवं राज्य कार्यक्रम अधिकारी फाइलेरिया डॉ. वी.पी.सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, ने कहा कि आमतौर पर बचपन में होने वाला यह संक्रमण लिम्फैटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है और अगर इससे बचाव न किया जाए तो इससे शारीरिक अंगों में असामान्य सूजन होती है।

यह दवाएं दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति यों को ये दवाएं नहीं खिलाई जाएगी। डॉ. सिंह ने बताया कि मोर्बिडिटी मैनेजमेंट एंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एम.एम.डी.पी.) यानि रुग्णता प्रबंधन एवं विकलांगता की रोकथाम द्वारा हाइड्रोसील और लिम्फेडेमा से संक्रमित व्यक्तियों की देखभाल एवं उनको समुचित इलाज प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्ष दिसम्बर 2021 के आंकड़ों के अनुसार हाइड्रोसील के लगभग 26 हज़ार मरीज़ और लिम्फेडेमा के लगभग 83 हज़ार मरीज़ हैं । डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं । रक्तचाप, शुगर, अर्थरायीटिस या अन्य सामान्य रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को भी ये दवाएं खानी हैं । सामान्य लोगों को इन दवाओं के खाने से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैं । अगर किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के कीटाणु मौजूद हैं, जोकि दवा खाने के बाद कीटाणुओं के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं ।

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के प्रतिनिधि डॉ. भूपेंद्र त्रिपाठी और केला लेज़रसन ने संयुक्त रूप से कहा कि मास ड्रग कार्यक्रम के दौरान सभी लाभर्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने से फाइलेरिया जैसे गंभीर संक्रमण से बचाव सुनिश्चित होगा ।

प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री एवं सदर विधायक बलरामपुर, पलटूराम ने समस्त प्रतिभागियों से फाइलेरिया मुक्त प्रदेश बनाने का आवाहन किया ।

इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री एवं सदर विधायक बलरामपुर, पलटूराम, राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, भारत सरकार की निदेशक डॉ. तनु जैन एवं अपर निदेशक डॉ. नूपुर रॉय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, उत्तर प्रदेश के निदेशक संचारी रोग डॉ. ए.के.सिंह उपस्थित रहे।

बृजनन्दन

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