– मुख्य चिकित्साधिकारी ने स्वयं किया दवा का सेवन
इटावा (हि.स.)। जीवन के लिए बोझ का रूप लेने वाली फाइलेरिया जैसी बीमारी के उन्मूलन में मीडिया की अहम भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सभी से यह अपेक्षा है कि संचार माध्यमों के जरिये जन-जन तक फाइलेरिया उन्मूलन का संदेश पहुंचाएं।
उक्त बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भगवन दास भिरोरिया ने कहीं। वह सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से फाइलेरिया उन्मूलन के संबंध में आयोजित एक दिवसीय मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला को शुक्रवार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वयं दवा का सेवन किया और सभी से अपील किया कि फाइलेरिया से बचने की दवा जरूर खाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 12 मई से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें अग्रिम पंक्ति कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अपने सामने फाइलेरिया रोधी दवा खिला रहीं हैं । यह दवाएं निःशुल्क जनसमुदाय को खिलाई जा रही और इसका सेवन दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को छोड़ कर सभी को करना है।
पाथ संस्था के डॉ. शाश्वत ने पीपीटी के जरिये बताया कि जिले में की 15,65,714 के जनसंख्या को अभियान के दौरान दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए 1471 टीम बनाई गई हैं जिनके कार्यों का पर्यवेक्षण 245 सुपरवाइजर करेंगे। पीसीआई संस्था के जिला समन्वयक शिवम रस्तोगी ने बीमारी की रोकथाम में सामुदायिक भूमिका पर प्रकाश डाला।
बताया कि अभियान से कोटेदारों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षक, स्वयं सहायता समूह समेत विभिन्न प्रेरक लोगों को पीसीआई की मदद से जोड़ा जा रहा है। इस मौके पर जिला मलेरिया अधिकारी नीरज दुबे, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ श्रीनिवास, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अवधेश, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक, सीफार जिला प्रतिनिधि प्रीति पांडे, रतीश द्विवेदी, अनुपम मिश्रा सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
रोहित
