कानपुर (हि.स.)। फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को धार देने में जुटा स्वास्थ्य महकमा जनपद के सभी ब्लॉकों के स्वास्थ्य उपकेंद्रों में तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर मजबूती के साथ सारथी तैयार किया जा रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को कानपुर नगर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक रंजन ने दी।
उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत आने वाले सभी सीएचओ को दो दिन अनुभवी प्रशिक्षकों ने फाइलेरिया नेटवर्क सदस्यों के सहयोग से फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन का अभ्यास कराया।
जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को और ग्राउंड लेवल तक ले जाने को लेकर सीएचओ को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि कहीं भी यदि फाइलेरिया ग्रसित रोगी मिलता है तो उसका सही तरीके से प्रबंधन किया जा सके और लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके।
सभी सीएचसी में मलेरिया निरीक्षक व ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधकों सहित पाथ संस्था के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अनिकेत कुमार और सीफार संस्था के फाइलेरिया जिला समन्वयक प्रसून द्विवेदी ने सीएचओ को फाइलेरिया (हाथीपाँव और अंडकोषों में सूजन) के कारण, लक्षण, पहचान, जांच, उपचार व बचाव आदि के बारे में जानकारी देकर तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही फाइलेरिया नेटवर्क सदस्यों ने प्रशिक्षण में पूरा सहयोग किया। प्रशिक्षण में नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) और एमएमडीपी किट के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। एमएमडीपी किट का प्रयोग कर फाइलेरिया मरीज अपने दैनिक जीवन को सरल बना सकते हैं।
बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं फाइलेरिया नेटवर्क सदस्य
ब्लॉक कल्याणपुर में फाइलेरिया नेटवर्क सदस्य राम सनेही और ब्लॉक सरसौल में फाइलेरिया नेटवर्क सदस्य उमा देवी शुक्ला ने बताया कि फाइलेरिया ग्रस्त मरीजों द्वारा नियमित रूप से सेल्फ केयर करने पर फाइलेरिया को नियंत्रित रखा जा सकता है जिससे मरीजों को एक्यूट अटैक होने की संभावना नहीं रहती।
प्रशिक्षण से मिली महत्वपूर्ण जानकारी
सरसौल ब्लॉक के तिलसहरी बुजुर्ग गाँव में तैनात सीएचओ आशीष शर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण से उन्हें फाइलेरिया रोगी की पहचान और उसके प्रबंधन के साथ-साथ इस रोग की कितनी स्टेज होती हैं और कैसे मरीज का प्रबंधन करना है, इसके बारे में सीखने को मिला। मरीजों का सर्वे करने और साल में कम से कम एक बार निक्षय दिवस में फाइलेरिया ग्रस्त मरीज को बुलाकर उनकी काउंसलिंग करने के बारे में बताया गया। ब्लॉक कल्याणपुर के बिनौर गांव में तैनात सीएचओ बसंती देवी ने बताया कि ट्रेनिंग में जो जानकारी दी गई है, उसका प्रयोग वह फील्ड में करेंगी। अपने क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता के माध्यम से फाइलेरिया ग्रस्त मरीजों की पहचान कराएंगी।
महमूद/दीपक/दिलीप
