Wednesday, April 15, 2026
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फसल की क्षति पर किसानों का सहारा बनी बीमा योजना

– रबी सत्र में फसल बीमा लेने वाले किसानों को मिली सवा चार करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति

– गोरखपुर में 12 हजार 616 किसानों को नुकसान के एवज में मिला है सवा चार करोड़

गोरखपुर (हि.स.)। फसल की क्षति होने पर बीमा योजना किसानों के लिए बड़ा सहारा है। यही वजह है कि केंद्र व उत्तर प्रदेश की सरकार किसानों को फसल बीमा कराने के लिए प्रेरित कर रही है। कम प्रीमियम पर नुकसान की भरपाई होने से अन्नदाता इस योजना का लाभ लेकर खेती में जोखिम को न्यूनतम कर सकते हैं। गोरखपुर जनपद में बीमा के प्रति जागरूक किसानों में से 12 हजार 616 ने रबी सत्र में हुए फसल क्षति के एवज में करीब सवा चार करोड़ रुपये प्राप्त किए हैं।

अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करने के साथ-साथ फसलों को हुए नुकसान की भरपाई करने की दिशा में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार पीछे नहीं है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सरकार किसानों को प्राकृतिक आपदा में खराब हुई फसलों का भुगतान कर के उनका किसी भी प्रकार से नुकसान नहीं होने दे रही है।

आपदा मे नुकसान की हो रही भरपाई

अधिक वर्षा, आंधी तूफान, पाला, बर्फबारी, ओले, कीट, फसली रोगों, आग जैसी आपदा के कारण किसानों की नष्ट हुई फसल की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की इन स्थितियों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रख कर ही नष्ट हुई फसल की क्षतिपूर्ति करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की व्यवस्था बनाई थी।

रबी सत्र में इतने किसानों को मिला लाभ

गोरखपुर में रबी सत्र 2021-22 में 48 हजार 77 किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का सुरक्षा का कवच लिया था। इन किसानों ने कृषक अंश के रूप में 2.65 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

कहती है बीमा कम्पनी की रिपोर्ट

भारत सरकार की बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार सर्वेक्षण के पश्चात जिले के 12 हजार 616 किसानों को क्षतिपूर्ति के रुप में 4.21 करोड़ की धनराशि प्रदान की गई है।

यह है प्रीमियम धनराशि

इस योजना के तहत किसानों को सम्पूर्ण फसल बीमा प्रीमियम का रबी सीजन में डेढ़ फीसद, खरीफ सीजन में महज दो फसद प्रीमियम देना पड़ता है। शेष प्रीमियम राज्य एवं केंद्र सरकार देती है। अपने हिस्से की प्रीमियम की रकम किसानों की मेहनत और निवेश की सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत अल्प है।

आमोद

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