Friday, April 3, 2026
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फर्रुखाबाद : मेला रामनगरिया में पान मसाला व पॉलीथीन पर रोक

फर्रुखाबाद (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के पांचाल घाट पर 28 जनवरी से लगने जा रहे मेला रामनगरिया का डीएम एसपी ने रविवार को निरीक्षण किया। उन्होंने मेला कोतवाली प्रभारी को कड़े निर्देश दिए कि मेला रामनगरिया में पॉलिथीन और तंबाकू के प्रयोग पर पूरी तरह से नियंत्रण रखा जाए। 
उन्होंने कहा कि इन दोनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए अभी से प्रचार-प्रसार कराया जाए। आदेश का पालन न करने वालों पर 500 रुपये जुर्माना बसूला जाए। मेला रामनगरिया को पूरी तरह से पॉलिथीन से मुक्त रखा जाए। बताते चलें कि पांचाल घाट पर वर्ष 1986 से सरकारी मेला रामनगरिया लगता चला आ रहा है। इस मेले में दूरदराज से संत महात्मा व कल्पवासी आकर एक एक माह तक भागीरथी के पावन तट पर कल्पवास करते हैं। 28 जनवरी से लगने जा रहे मेला रामनगरिया में प्रदेशभर के कल्प वासियों का आना शुरू हो गया है। यहां अस्थाई कोतवाली का निर्माण कराया गया है।
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह पुलिस कप्तान अशोक मीणा ने रविवार को पांचाल घाट पहुंचकर मेले का निरीक्षण किया। और मेले में विशेष साफ सफाई रखने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला प्रभारी जयंती प्रसाद को निर्देश दिए कि कल्प वासियों को कोई परेशानी ना हो पाए ।इसलिए मेले को पॉलिथीन से मुक्त रखा जाए। मेले में किसी भी कीमत पर पॉलीथिन का प्रयोग न होने दिया जाए। इसके साथ ही पान मसाला गुटखा पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। मेले में साफ सफाई की विशेष व्यवस्था रखी जाए। 
मेला प्रबंधक संजीव दिक्षित को भी डीएम ने आवश्यक निर्देश दिए । कहा कि कल्प वासियों की सुविधा का हर स्तर पर ध्यान रखा जाए। बताते चलें कि तत्कालीन विधायक महरम सिंह और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम सेवक मिश्र ने गंगा तट पांचाल घाट पर मेला रामनगरिया की शुरुआत कराई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने इसे सरकारी मेले का दर्जा दिया था। आज यह तीनों हस्तियां हमारे बीच नहीं है। लेकिन मेला रामनगरिया इनके गौरवशाली इतिहास को अपने जेहन में संजोए हुए हैं। मेला रामनगरिया में कल्प वासी गंगा की कलकल ध्वनि के साथ ध्यान लगाकर आत्मिक आनंद और मानसिक शांति की अनुभूति करते हैं। गंगा स्नान के संबंध में महाकवि तुलसीदास ने लिखा है
मंजन फल पेखिय तत्काला, काक होइ पिक वकऊ मराला। 

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