फर्रुखाबाद (हि.स.)। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के चक्रव्यूह में सपा प्रत्याशी फंस गए हैं। मोनिका यादव को समर्थन देकर भाजपा ने राजनीति की सियासी चौसर पर ऐसी गोटियां बिछाई हैं, जिनका काट सपा हाई कमान को ढूढें नहीं मिल रहा है।
उधर, सपा मतदाताओं की खरीद फरोख्त करने में फेल हो गई है। सत्ता पक्ष के समर्थन के कारण जिला प्रशासन की भी नजर टेढ़ी हो गई है। इस चुनाव में यहां मतदाताओं को अगुआ करने वाला खेल खत्म हो गया है। समाजवादी पार्टी से बगावत कर भाजपा की शरण में गई मोनिका यादव के पिता नरेन्द्र सिंह यादव जमीनी नेता हैं। वह 5 बार विधायक रह चुके हैं। सपा सरकार में वे होम गार्ड मंत्री भी थे।
राजनीति के जानकार लोगों का मानना है कि बेटी से भाजपा में जाने के बाद सपा नरेन्द्र सिंह को पार्टी से निकालती है तो भाजपा को एक मजबूत नेता मिल जाएगा। सपा को नरेन्द्र सिंह को पार्टी से निकालने पर भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। इस देख चाहकर भी सपा मुखिया अखिलेश यादव अपनी पार्टी के चीरहरण को देख महाभारत के भीष्म की तरह छटपटा रहे हैं। वह पार्टी को होने वाली क्षति को भांप कर नरेन्द्र सिंह को पार्टी से नहीं निकाल पा रहे हैं।
उधर मोनिका यादव सत्ता पक्ष का समर्थन पाकर चुनाव प्रचार में जुट गई हैं। उनके समर्थन में राजनीति में काट छांट औऱ जोड़-तोड़ में माहिर भाजपा नेता सपा की चुनावी डगर में कांटे बिछाकर सपा प्रत्यासी सुबोध यादव की राह रोकने में जुट गए हैं।
तीन जुलाई को होने जा रहे जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव लिए यहां छिड़े चुनावी घमासान में सपा को अपनी झोली में आई यह सीट जाती नजर आने लगी है। हालांकि सपा नेताओं का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मामले पर नजर रखे हुए हैं, लेकिन 4 वोट वाली भाजपा ने मोनिका को समर्थन देकर सपा के सारे समीकरण ध्वस्त कर दिए हैं। भाजपा की चक्रव्यूह रचना में सपा प्रत्यासी सुबोध यादव बुरी तरह फंस गए हैं।
इस सम्बंध में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नदीम फारुखी का कहना है कि सपा के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसका तोड़ खोज चुके हैं। चुनाव में सब सामने आ जायेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता का कहना है भाजपा समर्थित मोनिका यादव की मदद में भाजपा जी जान से जुट गई है।
