बाराबंकी : सफरदरगंज स्थित इंटर कालेज में तैनात सरकारी अध्यापक शिवेन्द्र पटेल (45) लखनऊ में फर्जी डॉक्टर बनकर कोरोना संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में करके इलाज कर रहा था। उसने दस्तावेजों में बाकायदा नव्या क्योर मेडिक्स नाम से एक मेडिकल सेन्टर बना रखा था जिसमें वह कई डॉक्टर होने का दावा करता था। उसके झांसे में फंसे एक मरीज की मौत हो गई।
इस मरीज की पत्नी से उसने सात दिन में दो लाख रुपये ऐंठ लिए थे। हालत बिगड़ने पर पत्नी अपने पति को डीआरडीओ अस्पताल ले गई जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद ही पीड़िता ने चिनहट पुलिस को सूचना दी तो अध्यापक की इस करतूत का खुलासा हुआ। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या व धोखाधड़ी की धारा में एफआईआर दर्ज कर आरोपी अध्यापक को बुधवार रात को गिरफ्तार कर लिया। उसके अन्य साथियों के बारे में भी पता किया जा रहा है।
एडीसीपी पूर्वी कासिम आब्दी के मुताबिक आरोपी मूल रूप से उन्नाव के सफीपुर का रहने वाला है। यहां वह चिनहट के मटियारी इलाके में रहता था। चिनहट में रहने वाली खुशबू ने एडीसीपी को फोन कर शिवेन्द्र के फर्जीवाड़े के बारे में बताया था। खुशबू ने पुलिस को बताया कि उनके पति वीके वशिष्ठ कोरोना संक्रमित हो गये। इस बीच ही तीन मई को शिवेन्द्र पटेल ने उन्हें पता किया और पति का हाल-चाल लिया। अगर तबियत बीच में खराब होती है तो उनका अस्पताल भी है जहां उनकी पत्नी डॉक्टर है। यह कहकर उसने पहले 50 हजार रुपये जमा कराये। फिर एक टीम उनके घर आयी और सामान्य दवा दी।
