Thursday, January 15, 2026
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फतेहपुर: पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान

– साइबर क्राइम के लिए हेल्पलाइन 155260 या डायल 112 पर दर्ज करायें शिकायत

फतेहपुर (हि.स.)। जिले में बुधवार को साइबर क्राइम के प्रति आमजन को जागरूक करने व इससे बचाने के उद्देश्य से सभी थानों में साइबर जागरूकता दिवस आयोजित किया गया।

इस मौके पर साइबर जागरूकता अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य के तहत लोगों को साइबर अपराध के प्रकार व इससे बचने के उपायों के बारे जानकारियां प्रदान की गयीं और पम्पलेट भी बांटे गये। सभी थानो द्वारा अपने क्षेत्र में पड़ने वाले बैंक, स्कूल, कालेज, बस अड्डे, चौराहे, प्रमुख व्यावसायिक दुकानों व अन्य जगहों पर जाकर पुलिसकर्मियों ने लोगों को समझाया गया।

फतेहपुर: पुलिस ने चलाया साइबर जागरूकता अभियान

लोगों को जागरूक करते हुए सदर कोतवाल अनूप सिंह ने बताया कि आमजन में साइबर अपराधों के बारे में सही जानकारी न होने के कारण साइबर अपराधियों द्वारा उन्हें अपने चंगुल में फंसा लिया जाता है और उनकी मेहनत की कमाई को ठग लिया जाता है। साइबर अपराधियों द्वारा विभिन्न माध्यमों से पहले लोगों का डाटा एकत्र करने के उपरान्त उन्हें बैंक कर्मी या विभिन्न कम्पनियों का कस्टमर केयर बनकर फोन कर केवाईसी आदि के नाम पर जनता के बैंक खाता, एटीएम नम्बर, सीवीवी नम्बर, क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड आदि गोपनीय जानकारियों प्राप्त कर ली जाती हैं। इसके अतिरिक्त फोन के माध्यम से बरगलाकर क्विक सपोर्ट व एनीडेस्क जैसे रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन डाउनलोड कराकर खातों से सम्बन्धित गोपनीय जानकारी प्राप्त कर ली जाती है। खातों से सम्बन्धित प्राप्त की गयी गोपनीय जानकारी के माध्यम से साइबर अपराधियों द्वारा लोगों का मेहनत से कमाया गया पैसा व उनकी जमा पूंजी उनके खातों से बेईमानी करके निकाल ली जाती है।

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जनता से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, डेबिट कार्ड, केडिट कार्ड डिटेल एवं यूजर आईडी, पासवर्ड शेयर न करें, चाहें वह बैंक कर्मी हो या ट्रेजरी आफिसर या अन्य कोई भी व्यक्ति हो। कोई व्यक्ति यदि बातों-बातों में आपसे कोई रिमोट एक्सेस एप जैसे- क्वीक सपोर्ट, एनीडेस्क आदि डाउलोड करने को कहे तो कदापि डाउनलोड न करें। विभिन्न माध्यमो जैसे एसएमएस, ई-मेल, व्हाट्सएप मैसेज आदि पर प्रसारित या प्राप्त हो रहे लिंक को न खोलें। किसी भी कम्पनी का कस्टमर केयर नम्बर गूगल पर सर्च करके प्रयोग में न लायें। नम्बर प्राप्त करने के लिए उस कम्पनी द्वारा उपलब्ध कराये गये डाक्यूमेंट को देखें या केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध नम्बर का ही प्रयोग करें। एटीएम से पैसे निकालते समय ध्यान रखें कि कोई दूसरा व्यक्ति आपका एटीएम कार्ड बदल न पायें एवं पैसा निकालने से पूर्व उस मशीन में स्कीमर एवं कैमरा न लगा हो चेक कर लें।

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बताया कि अपने मोबाइल को किसी अनजान व्यक्ति को कदापि न दें। कभी-कभी गलत व्यक्तियों के हाथ में मोबाइल जाने से उसके द्वारा पोर्ट का मैसेज भेजकर पोर्ट आउट नम्बर प्राप्त कर लिया जाता है और आपके नम्बर की दूसरी सिम प्राप्त कर अवैध ट्रान्जेक्शन कर लिये जाते है। विभिन्न सरकारी आवास योजनाओं का लाभार्थी बताकर यदि कोई पैसे मांगे तो कदापि पैसे न दें। यदि आपके मोबाइल नंबर पर मैसेज या काल आता है कि आपके दोस्त ने रुपये भेजे है उसे रिसीव कर ले और यदि आप उस लिंक को क्लिक करेंगे तो आपके खाते में राशि आ जाएगी तो ध्यान रखे कि यह काल फ्रॉड की भी हो सकती है और इस पर क्लिक करने से आपके खाते से रूपये कट सकते है अतः जांच परख के बाद ही लेन देन करे। क्यूआर कोड को बेहद सावधानी से स्कैन करे व पूर्ण जांच कर ले।

कहा कि किसी भी प्रकार के साइबर कम्प्लेन दर्ज करने के लिए नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के नम्बर 155260 या 112 डायल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं या फिर नजदीकी थाने या जिले के साइबर सेल में सम्पर्क कर सकते हैं।

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