Friday, February 13, 2026
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फतेहपुर: जिले के मौरंग डम्पों में जिला पंचायत के नाम पर दो सौ रुपये की काटी जा रही रसीद

– पहले भी जिला पंचायत के अवैध बैरियरों से होती रही अवैध

– जिम्मेदार मान रहे वसूली गलत जांच कराने की कर रहे बात

फतेहपुर (हि.स.)। जिले में अवैध रूप से बैरियर संचालित कर वाहनों से वसूली किये जाने के मामले में जिला पंचायत का नया कारनामा सामने आया है।मौरंग डम्प स्थलों से निकलने वाले वाहनों से 200 रुपये की वसूली बेखौफ की जा रही है। यह वसूली कौन कर रहा है? किसके आदेश पर हो रही है। यह तो पता नहीं लेकिन ढाई दर्जन से अधिक मौरंग डम्पों से निकलने वाले वाहन जिला पंचायत की इस नाजायज वसूली का शिकार हो रहे हैं।

जिला पंचायत के कर्ता-धर्ता यह तो स्वीकार कर रहे हैं कि वसूली मौरंग डम्पों से नहीं होनी चाहिये लेकिन वसूली कौन कर रहा है और किसके आदेश पर हो रही है इसकी जांच कराये जाने की बात कर रहे हैं। मौरंग खनन के दौरान अनाधिकृत रूप से बैरियर लगाकर निकलने वाले वाहनों से जिला पंचायत द्वारा अवैध वसूली की जाती रही है। लाख कोशिशों के बावजूद अवैध वसूली को नहीं रोका जा सका। जिला पंचायत की अवैध वसूली की शिकायत प्रशासन से लेकर शासन तक पहुंची और अधिकारियों से लेकर नेताओं तक लेकिन सभी मूक बने रहे और वसूली का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा।

योगी राज में भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन व बेहतर कानून व्यवस्था के दावे किये जा रहे हों लेकिन फिलहाल दावे हवा-हवाई ही हैं। आमजन हर दिन इनसे दो-चार हो रहा है और मनमानी व भ्रष्टाचार करने वाले फल-फूल रहे हैं। दावे करने वाले सत्ताधारी भी मौन हैं। अब मौरंग के डम्पों से जिला पंचायत के नाम पर 200 रुपये की वसूली किये जाने का मामला सामने आया है जो काफी दिनों से चल रहा है। जिम्मेदारों तक जानकारी पहुंची या नहीं यह तो वही जाने लेकिन उनकी किये जा रहे इस भ्रष्टाचार पर चुप्पी स्वीकृति की ओर इशारा कर रही है।

मौरंग का खनन बन्द होने के बाद डम्पिंग के लिये यहां 34 लाइसेंस दिये गये लेकिन डम्पिंग 27 जगहों पर की गयी। कहीं बड़ी तादात में डम्पिंग रही तो कहीं कम तादात में चूंकि बरसात में खनन का काम बन्द रहता है इसलिये डम्पों से ही मौरंग की बिक्री का काम किया जाता है।

मौरंग डम्पों से जिला पंचायत के नाम पर 200 रुपये की वसूली हर वाहन से की जा रही है जो रसीद दी जा रही है उसमें 200 रुपये अंकित है व जिला पंचायत फतेहपुर प्रिंट है। रसीदों में कोई भी नम्बर अंकित नहीं है और न ही किसी के हस्ताक्षर हैं। अवैध ढंग से मनमाने रूप से वाहनों से की जा रही वसूली से जिम्मेदार हकीकत में कुछ नहीं जानते या फिर जानकर अंजान हैं। यह वही जाने लेकिन विभाग की करतूतें सत्ताधारियों की किरकिरी कराने के लिये काफी हैं।

जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी लालता प्रसाद वर्मा का कहना है कि नदी के उद्गम स्थल से तो निकलने वाले वाहनों से शुल्क लिया जा सकता है लेकिन डम्पिंग से किसी भी तरह का शुल्क लेने की कोई व्यवस्था नहीं है।यह वसूली कौन कर रहा है। उनकी जानकारी में नहीं है फिर भी वह इसकी जांच करायेंगे।

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