कानपुर (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभों के कमजोर होने के बाद से लगातार मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग ने अब संभावना जताई है कि प्री मानसून के कमजोर होने से बारिश पर भी असर पड़ सकता है यानी मानसूनी बारिश कम हो सकती है।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एस एन सुनील पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि प्री-मॉनसून बरसात को लेकर आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। आईएमडी द्वारा प्री-मॉनसून बारिश के लिए जारी आंकड़ों के अनुसार एक मार्च से 26 अप्रैल तक बीस राज्यों में प्री-मॉनसून बारिश काफी कम दर्ज हुई है। इस कारण इन राज्यों में पानी की समस्या, खासकर खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी की समस्या उत्पन्न होने वाली है।
कम बारिश से खरीफ की फसलों को नुकसान
मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि आईएमडी के अनुसार मार्च और अप्रैल-इन दो महीनों में बारिश की कमी के साथ ही लू की लहर से मौसम रुख अपना रहा है। ऐसे में फलों और सब्जियों की सिंचाई के लिए पानी के श्रोतों में भी कमी भी आई है। अभी तक इन राज्यों में गर्मी से राहत नहीं मिल पाई है। ऐसे में सब्जियों और फलों के दाम में भी बढ़ोत्तरी हुई है। खासकर यह मौसम और बारिश की कमी गन्ना और कपास के लिए सिंचाई को प्रभावित करने वाली है। इसके अलावा कुछ हद तक पूर्व-खरीफ बुवाई गतिविधि को भी प्रभावित करने वाली है।
अजय/मोहित
