50 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की उठाई गई मांग
कानपुर (हि.स.)। चकेरी के प्रापर्टी डीलर आत्मदाह कांड को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को निशाना बना रहा है और पुलिस के साथ दबंगों को भी घेरा जा रहा है। इसी कड़ी में बुधवार को सपा का एक प्रतिनिधि मंडल पीड़िता के घर पहुंचा और पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता की चेक सौंपी। सपा विधायकों ने सरकार से मांग की कि पीड़िता को सरकारी नौकरी दी जाये और 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये।
चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर निवासी प्रापर्टी डीलर ईश्वर चन्द्र दीक्षित बीते दिनों बीच सड़क पर पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, लेकिन मौत से पहले उसने जो मजिस्ट्रेटी बयान दिया उससे पुलिस की करतूतें उजागर हो गईं। उसने बताया था कि मेरे प्लाट पर कुछ दबंग अवैध कब्जा कर रहे हैं और शिकायत पर पुलिस उल्टा मुझ पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी। मामला पुलिस से जड़ा होने और एक मजबूर व्यक्ति द्वारा आत्मदाह करने की घटना से पूरा शहर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। वहीं चुनावी दौर होने से विपक्ष के राजनेता भी राजनीतिक रोटियां सेकने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और बराबर विपक्ष के नता मृतक के परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं।
इसी कड़ी में एक बार फिर सपा का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को मृतक के घर पहुंचा और पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता चेक सौंपी। सपा विधायक इरफान सोलंकी और अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की संवेदनाएं पीड़िता के बेटियों के साथ हैं और उनकी आर्थिक मदद के लिए पांच लाख रुपये की चेक सौंपी गई है। दोनों विधायकों ने सरकार से मांग रखी कि पीड़ित परिजनों में किसी एक को सरकारी नौकरी दी जाए, साथ ही 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाये। विधायकों ने आरोप लगाया कि यह आत्मदाह नहीं है, पुलिसिया हत्या है। यह भी मांग रखी गई कि जिस प्लाट पर कब्जा हो गया है उसको तत्काल खाली कराया जाये। इस दौरान नगर अध्यक्ष डा. इमरान, मो. हसन रूमी, रविशंकर मिश्रा, सुभाष द्विवेदी, धर्मेंद्र सिंह बाली, वीरेंद्र त्रिपाठी, अंकित सचान, अनुराग मिश्रा आदि मौजूद रहें।
