कानपुर (हि.स.)। केन्द्र एवं राज्य सरकार किसानों की समस्याओं का निदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कानपुर में ऐसे नालों के सर्वे का कार्य शुरू किया गया है, जिसका अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर है। यह कार्य मनरेगा विभाग और भूमि संरक्षण अधिकारी की संयुक्त टीम कर रही हैं। यह जानकारी गुरुवार को उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा कानपुर डीसी रमेश चन्द्र ने दी।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे नालों की खोज की जा रही है, जिन्हें लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। जिनका अस्तित्व समाप्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या और जल की निकासी न हो पाने से किसानों की फसल खराब हो जाती है।
सर्वे पूरा होने के बाद शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
उन्होंने बताया कि कानपुर नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल दस ब्लाक है। जहां कुछ प्राकृतिक नाले थे, जिनका अस्तित्व वर्तमान में समाप्त हो चुका है। ऐसे नालों की सुरक्षा एवं सफाई कराए जाने की कार्य योजना तैयार करने के लिए पहले नालों का सर्वे रिपोर्ट तैयार की जाएगी, उसके बाद सर्वे रिपोर्ट को शासन को भेजी जाएगी।
नालों का पुनरुद्धार कराने की बनेगी योजना
रमेश चन्द्र ने बताया कि कानपुर नगर के भूमि संरक्षण अधिकारी की टीम नालों के सर्वे का कार्य पूरा करके शासन को भेजेगी। जिसकी शासन से अनुमति मिलने के बाद मनरेगा विभाग के सहयोग से नालों का पुनरुद्धार कराने की योजना तैयार की जाएगी।
राम बहादुर/बृजनंदन
