Wednesday, April 1, 2026
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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित हुआ बोर्ड

-कृषि मंत्री होंगे उपाध्यक्ष, मुख्य सचिव व कई विभागों के मंत्रियों को बनाया गया है सदस्य

लखनऊ (हि.स.)। प्रदेश में प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती बोर्ड का गठन कर दिया है। इस बोर्ड के अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री होंगे। इसके साथ ही उपाध्यक्ष कृषि मंत्री को बनाया गया है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव डाॅ. देवेश चतुर्वेदी ने कृषि, उद्यान निदेशक के साथ ही समस्त जिलाधिकारियों को पत्र भेज दिये हैं। यह बोर्ड प्राकृतिक खेती के लिए नए-नए बीजों का चयन व किसानों को बेहतर खेती के लिए मार्गदर्शन करेगा।

पत्र में कहा गया है कि बोर्ड की गवर्निंग बाडी में मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री के अलावा वित्त मंत्री, उद्यान मंत्री, पशुपालन, पंचायती राज, सूक्ष्म उद्योग, लघु उद्योग मंत्री के अलावा मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त आदि सदस्य होंगे। गवर्निंग बाडी की साल में दो बार बैठक होगी, जिसमें नीति निर्धारण व मार्गदर्शन किया जाएगा।

इसके अलावा राज्य स्तरीय कार्यसमिति बनाई गयी है, इसमें मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा कई विभागों के अपर मुख्य सचिव सदस्य बनाए गये हैं। पत्र में कहा गया है कि कार्यसमिति की बैठक साल में चार बार अवश्य होगी। गवर्निंग बोर्ड द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराना, प्राकृतिक खेती से संबंधित विभिन्न स्वीकृत योजनाओं का वार्षिक कार्ययोजना का सैद्धांतिक अनुमोदन प्राप्त करते हुए उसके क्रियान्वयन की समीक्षा करना, कार्यशाला आदि का अनुमोदन करना कार्य समिति का प्रमुख काम होगा।

प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड की जिला स्तरीय कार्यकारी समिति भी बनायी गयी है। इसके अध्यक्ष जिलाधिकारी व उपाध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी होंगे। जिला कृषि अधिकारी, उद्यान अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक आदि इसके सदस्य होंगे।

प्राकृतिक खेती के उपज के प्रमाणीकरण के लिए प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी। इसके बाद कृषि उपज के मूल्य संवर्धन व विपणन व्यवस्था का भी विकास किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा।

गुरुवार को जारी पत्रांक संख्या 79/2022/658/227595/12-5-2022- सा-18/2022/12-5099/68/2022 में कहा गया है कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बोर्ड प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। कृषकों को उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिए भी कार्य किया जाएगा। क्लस्टर आधार पर प्राकृतिक खेती से जुड़े कृषकों को कृषि उत्पादक संगठन में रूपांतरित करने का भी काम किया जाएगा।

उपेन्द्र

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