Friday, March 27, 2026
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प्रयागराज में गंगा-यमुना उफान पर, निचले इलाकों में घुसा पानी, झूंसी में कटा सम्पर्क मार्ग

प्रयागराज (हि.स.)। यमुना की सहायक नदियां केन और बेतवा में आई बाढ़ और गंगा में बैराज से छोड़े गए पानी के कारण प्रयागराज में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। एक ओर शहरी अंचल में पानी निचले इलाकों में घुस गया है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांवों के सम्पर्क मार्ग कट गए हैं।

बढ़ते जलस्तर के बीच बेतवा से छोड़े गए 05 लाख क्यूसेक पानी और कानपुर से छोड़ा गया 1 लाख क्यूसेक पानी जल्द ही प्रयागराज पहुंचने की संभावना है। गंगा नदी पहले से ही 7 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एवं यमुना नदी में 8 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है।

झूंसी के बदरा सुनौटी गांव का सम्पर्क मार्ग में पानी भरने के कारण प्रशासन ने नाव तैनात कर दी है। यमुनापार के कोरांव, बड़ोखर, कोहड़ार घाट में भी नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज के नागवासुकी मंदिर, संगम सम्पर्क मार्ग पर गंगा नदी का पानी भर गया है। शहरी इलाकों में हजारों मकानों के बाढ़ के पानी की जद में आने के कारण एनडीआरएफ की एक और एसडीआरएफ की दो कंपनियां मंगाईं गयी थीं। आज शुक्रवार को दोनों कम्पनियां प्रयागराज पहुंच गई हैं।

जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने बक्शी बांध स्थित एसटीपी का निरीक्षण कर वहां पर बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेते हुए तैयारियों को दुरुस्त बनाये रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसी बीच बाढ़ नियंत्रण केंद्र से 24 घंटे मॉनिटरिंग हो रही है। जिला पुलिस एवं जल पुलिस के जवान अलर्ट मोड पर हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ राहत कंट्रोल रूम की स्थापना कर दी है।

डीएम ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क कराये जाने का निर्देश उपजिलाधिकारी सदर को दिया है। उन्होंने गंगा एवं यमुना नदियों के निरंतर बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए कछारी एवं तटीय क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के साथ-साथ उनके शिफ्ट करने के लिए शरणालय में साफ सफाई सहित सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए हैं।

विद्या कान्त

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