लखनऊ(हि.स.)। ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएसपीएलबी) की आवश्यक बैठक सुल्तान-उल-मदारिस में हुई। बैठक में मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि ऐसी सूचनाएं आ रही हैं कि देश में यूनिफार्म सिविल कोड बन रहा है। आने वाले वक्त में उसे लागू किया जाएगा। इस संबंध में ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का एक प्रतिनिधि मण्डल राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भेंट करके अपनी बात रखेगा।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि मुसलमान देश के कानून को मानते हैं और उस पर अमल करते है। ऐसे मामले जिनका ताल्लुक हमारे धार्मिक मामलात से हैं, जिनके हम पाबन्द हैं और देश के संविधान ने हमको उसकी इजाजत भी दी है। संविधान में कोई बदलाव देश के लिए मुनासिब नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि बैठक में तमाम बिन्दुओं को रखना और इन बिन्दुओं को सभी के सामने रखना अलग महत्व रखना है। हिंदुस्तान एक ऐसा मुल्क है, जहां अगर सुबह अजान होती है तो हनुमान चालीसा, रामायण भी होती है। हमारे देश में गंगा जमुनी तहजीब ही हमारी पहचान है। लेकिन बीते कुछ वक्त से मुसलमानों के खिलाफ भय का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह माहौल बनाना देश के लिए अच्छा नहीं हैं। मुसलमानों को शक की नजर से देखा जाना अच्छा नहीं है। हमारे धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ क्यों की जा रही है? प्रधानमंत्री ने एक बार तो सबका साथ-सबका विकास की बात कही थी, लेकिन मुसलमानों के साथ आज अन्याय होता दिख रहा है। ऑल इण्डिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में तमाम सदस्यों ने भाग लिया और अपनी बातों को रखा। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष मौलाना सैयद साएम मेंहदी ने की।
शरद
