-राज्य सरकार से कोर्ट ने मांगा जवाब
प्रयागराज(हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वायरस कहने वाले कथित पत्रकार व एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद फरहान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से याचिका पर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।
कोर्ट ने कहा है कि याची विवेचना में सहयोग करें, अन्यथा उसे मिली राहत समाप्त हो जायेगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने मोहम्मद फरहान की याचिका पर दिया है।
मालूम हो कि प्रयागराज के करेली थाने के पुलिस उप निरीक्षक ने याची के खिलाफ 1 अप्रैल 23 को धारा 504 भारतीय दंड संहिता व धारा 66 सूचना तकनीकी कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराई। आरोप है कि याची ने प्रधानमंत्री मोदी को वायरस कह ऐंटीडाट जरूरी बताया और सोशल मीडिया में वायरल किया।
याची का कहना है कि बयान राजनीतिक है, इससे धारा 504 का अपराध नहीं बनता। जान बूझकर अपमानित नहीं किया गया है। जिससे कोई अपराध बनता हो। बयान पीएम को लोक शांति भंग के लिए उकसाने वाला नहीं है। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और जवाबी प्रति जवाबी हलफनामा दाखिल होने के बाद सुनवाई हेतु पेश करने का आदेश दिया है। और अगली सुनवाई या पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
आर.एन/राजेश
