न्यायपालिका में ‘बुनियादी ढांचा विकास योजना’ विस्तार पर कानून मंत्री ने जताया प्रधानमंत्री का आभार
अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय मिलने में होगी आसानी: ब्रजेश पाठक
लखनऊ, 15 जुलाई (हि.स.)। न्यायपालिका के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित सीएसएस योजना को बुधवार को 5 साल का विस्तार दिए जाने पर उप्र के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार प्रकट किया है।
पाठक ने गुरुवार को कहा कि न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत और बेहतर बनाने के इस प्रयास के लिए प्रधानमंत्री का बार-बार अभिनंदन है। प्रधानमंत्री के इस प्रयास से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को न्याय सुलभ होगा। कानून मंत्री ने कहा कि इस योजना के विस्तार से उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में आम लोगों को खास तौर से लाभ मिलेगा। कानून मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा न्याय प्रक्रिया को आसान और सर्वसुलभ बनाने के प्रयास किए हैं। जिसके सुखद परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि केन्द्र द्वारा प्रायोजित योजना (सीएसएस) योजना का विस्तार एक अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 तक किया गया है। इस दौरान 9,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे जिसमें 5,357 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा होगा। इसमें ग्राम न्यायालय योजना के लिए 50 करोड़ रुपये शामिल है।
कानून मंत्री ने कहा कि इस फैसले से जिला और अधीनस्थ अदालतों के न्यायिक अधिकारियों के लिए 3,800 अदालत कक्षों और 4,000 आवासीय इकाइयों, 1,450 वकील कक्षों, 1,450 शौचालय परिसरों और 3,800 डिजिटल कंप्यूटर कक्षों के निर्माण में मदद मिलेगी। राज्यों को पैसे तभी जारी किए जाएंगे जब अधिसूचित ग्राम न्यायालयों का संचालन शुरू हो जाएगा, न्यायाधिकारियों की नियुक्ति हो जाएगी और न्याय विभाग के ग्राम न्यायालय पोर्टल पर इसकी जानकारी दी जाएगी।
