-वाराणसी में विकास परियोजनाओं की प्रगति का जायजा भी लेते रहे हैं मोदी
वाराणसी (हि.स.)। केंद्र में नरेन्द्र मोदी सरकार के आठ वर्ष पूरे हो गए हैं। इन आठ वर्षों में मोदी सरकार ने न केवल देश बल्कि अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी पहल कर विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारा है। नरेन्द्र मोदी, काशी में परियोजनाएं मूर्त रूप ले पाईं कि नहीं, इसका खुद मौके पर जाकर निरीक्षण भी आधी रात में करते रहे हैं।
मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में ही पुरानी काशी में 362 करोड़ से शहरी विद्युत सुधार कार्य कर लोगों को लटकते बिजली के तारों के संजाल से मुक्ति दिलाई। उनकी अगुवाई में बिजली के तारों को भूमिगत बिछाने, स्मार्ट एलईडी लाइटें सड़कों पर लगाने के साथ गलियों, चौराहों में बिजली व्यवस्था का ढांचा ही बदल गया। सांसद के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी का कायाकल्प कर दिया। पहले कार्यकाल में ही 126 से अधिक विकास परियोजनाओं को समय से पूरा कर वाराणसी की कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती दी।
प्रधानमंत्री की निगरानी में आठ वर्षों के दौरान वाराणसी में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के निर्माण में अभूतपूर्व कार्य हुआ। इसका नतीजा है कि वाराणसी पूरे पूर्वांचल के साथ समीपवर्ती राज्य बिहार और मध्यप्रदेश के कुछ जिलों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का हब बन गया है। वाराणसी समेत पूर्वांचल के किसानों के लिए प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय चावल संस्थान केंद्र, मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट, पेरिशेबल कार्गो केंद्र जैसी सुविधाएं भी दिया है। इन आठ वर्षों में वाराणसी क्षेत्र से फलों, सब्जियों और धान का विदेशों को निर्यात भी हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में 253 करोड़ की लागत से बना बड़ालालपुर में ट्रेड फेसिलेटेशन सेंटर, 158 करोड़ लागत से हल्दिया-वाराणसी से फूलपुर तक गैस पाइपलाइन, वाराणसी नगरीय जलसंपूर्ति योजना प्रायरिटी-1,100 करोड़ की लागत से हृदय योजना में टाउनहाल का रि-डेवलपमेंट, 81 हेरिटेज स्थल और दुर्गाकुंड से अस्सी घाट तक विकास, सात पार्क, अन्य 34 हेरिटेज सड़क का निर्माण एवं मरम्मत, हेरिटेज पोल एवं लाइट एवं चार तालाबों का सुंदरीकरण शहरी लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है।
वाराणसी में 23 दिसंबर 2021 तक 162 योजनाओं का शिलान्यास
पहले कार्यकाल में ही शहरी गैस वितरण परियोजना प्रथम चरण, चौकाघाट राजकीय आयुर्वेदिक कालेज, मंडुआडीह रेलवे स्टेशन के मध्य समपार-3ए पर रेल उपरिगामी सेतु, एनएच-56 के बाबतपुर से एयरपोर्ट तक फोरलेन कार्य विकास की नई इबारत है। बाबतपुर एयरपोर्ट तक पहुंचने के लगभग 17.6 किलोमीटर लंबे मार्ग को गेटवे ऑफ बनारस कहा जा रहा है। शहर से बाबतपुर हवाई अड्डे तक पहुंचने का यह मार्ग ब्रांड बनारस की नई पहचान बन गया है। देश और दुनिया से शहर में आने वालों को इस मार्ग पर अलग अनुभव हो रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 से 2021 तक सात साल में लगभग 310 योजनाएं लोकार्पित कीं। जो लगभग एक खरब 58 अरब 95 करोड़ 28 लाख रुपये की हैं। वहीं 23 दिसंबर 2021 तक 162 योजनाओं का शिलान्यास किया जा चुका है। इसकी लागत लगभग 41 अरब 74 करोड़ 13 लाख है।
संस्कृति और धरोहर से रूबरू करा रहीं यहां की दीवारें
पूर्ण योजनाओं में श्री काशी विश्वनाथ धाम, स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पर्यटन, यातायात, गंगा, घाट, रिंग रोड, राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण, फ्लाईओवर आदि से वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल के लोगों का जीवन सरल और सुगम हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पांच पार्कों को थीम के आधार पर विकसित करने का कार्य अंतिम चरण में है। इसमें सेल्फी थीम पर शास्त्री नगर पार्क, गुलाबबाड़ी की तर्ज पर गुलाब बाग पार्क, सौर ऊर्जा पर आधारित मच्छोदरी पार्क और शेड एंड लाइट शो की थीम पर रवींद्रपुरी पार्क शामिल है। काशी की सार्वजनिक स्थानों की दीवारें भी दुनिया के प्राचीनतम शहर की जीवंत संस्कृति और धरोहर से पर्यटकों को रूबरू करा रही हैं। इसमें भारत रत्न शहनाई सम्राट विस्मिल्लाह खां से लेकर काशी के महान कलाकार और महापुरुषों के चित्र दीवारों पर उकेरे गये हैं। अस्सी घाट, दुर्गाकुंड, कबीरचौरा की पद्मगली, लहुराबीर, डीरेका, नरिया आदि जगहों पर दीवारों पर बनी कलाकृतियों में कहीं गंगा घाट, विश्वनाथ मंदिर को जीवंत देखा जा सकता है।
मोदी के कार्यों से आल्हादित है वाराणसीः शंशाक शेखर
प्रधानमंत्री मोदी के आठ वर्षों के कार्यकाल को वाराणसी शहर दक्षिणी के विधायक और प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने जनसेवा के 08 साल बेमिसाल बताया है। डॉ. तिवारी ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों से भरे 08 वर्ष में वाराणसी में हुए विकास कार्यों को शहर दक्षिणी के कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों के साथ वर्चुअल संवाद कर बताया। भाजपा के विधि प्रकोष्ठ के काशी क्षेत्र संयोजक अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने कहा कि वाराणसी अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों से आल्हादित है। प्रधानमंत्री ने काशी के प्राचीन मूल स्वरूप को बरकरार रखते आधुनिक विकास की नई इबारत लिखी है। उन्होंने काशीवासियों की सुविधाओं और सहूलियत का खासा ध्यान रखा है। काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख कर त्रिपाठी ने कहा कि कॉरिडोर में प्राचीन सनातन संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम देख लोग अभिभूत हैं। काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए निरंतर आने वाले आम और खास भक्त भी इस धाम की भव्यता, आधुनिकता एवं प्राचीनता के अलौकिक संगम को देखकर अचंभित हो रहे हैं।
श्रीधर/पवन
