झांसी (हि.स.)। छह साल पहले बलिया की वीरभूमि के बाद बुन्देलखण्ड की ऊर्जावान धरा की वीरभूमि महोबा से उज्ज्वला योजना के द्वितीय चरण के शंखनाद के साथ ही प्रधानमंत्री को देश की लाखों करोड़ों माताओं बहनों का स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त हुआ। वह भी ठीक रक्षाबंधन के पहले।
इस बात का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में भी किया है। माताओं-बहनों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को दिल खोलकर आशीर्वाद दिया। यहां तक कि एक बहन ने तो यह तक कह दिया कि उन्हें उसकी भी उमर लग जाए। मातृ शक्ति के आशीर्वाद व स्नेह को प्राप्त कर प्रधानमंत्री जहां ओत-प्रोत हैं तो विपक्ष इसे वोट की राजनीति कहती घूम रही है। कुछ भी हो आधी आबादी के स्नेह का श्रेय फिलहाल मोदी जी के पाले में नजर आ रहा है।
आल्हा ऊदल की वीरभूमि महोबा से मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण का मंगलवार को आगाज कर दिया। उन्होंने इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों की पांच महिलाओं से वार्ता कर उज्ज्वला योजना के बारे में उनके अनुभव भी जाने। महिलाओं ने भी अपनी पुरानी लकड़ी और उपलों से खाना बनाने वाली जिन्दगी और गैस चूल्हे पर बिना धुएं वाले जीवन पर खुलकर अनुभव साझा किए। इस दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री के सहयोग को मन से सराहा भी। उन्होंने प्रधानमंत्री की बलैयाॅ लेते हुए उन्हें अपने हिस्से की जिन्दगी देने तक की ईश्वर से प्रार्थना कर डाली। प्रधानमंत्री ने भी उनके परिजनों तक के दु:ख-सुख की जानकारी ली।
इसके इतर विरोध इसे राजनीति का स्टंट बताते नजर आए। झांसी कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अरविन्द वशिष्ठ ने इसे वोट की राजनीति बता डाला। कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए महज चंद महीने शेष रह गए हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा उज्ज्वला योजना पार्ट-2 की घोषणा करना वोट के लिए किसी लुभावनेपन से कम नहीं है।
