महोबा (हि.स.) देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 19 नवम्बर के आगमन को बुन्देलखण्ड बड़ी आशा एवं उम्मीद की नजर से देख रहा है जिसमें बुन्देलखण्ड वासियों को काफ़ी लंबे समय से चले आ रहे शिक्षा , स्वास्थ्य , रोज़गार एवं बुन्देलखण्ड अलग राज्य बनाओ अभियान के अन्तर्गत नई घोषणा की उम्मीद है । उत्तरप्रदेश चुनाव की रणभेरी के साथ बुंदेली धरा से प्रधानमंत्री की चुनावी अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत हो रही है जिसके अन्तर्गत लगभग 32 अरब की लागत से तैयार परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाना तय है , काफी लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे चित्रकूट एवं झांसी मण्डल में सिंचाई एवं जल प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं के लोकार्पण के माध्यम से जनता के बीच एक सकारात्मक सन्देश देने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें सरकार की महत्त्वपूर्ण अर्जुन बांध परियोजना जो कि 2655.35 करोड़ रुपये की लागत से कई बांधों को आपस मे जोड़ कर शुरू की गई है जिसमें महोबा, हमीरपुर , बांदा के 168 गांवों के किसानों को लाभान्वित कर बेहतर सिंचाई एवं पेयजलापूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है , इसके अलावा 54.28 करोड़ की लागत से रतौली बांध परियोजना, 512.74 की लागत से ललितपुर जिले की भवानी बांध परियोजना, 18.24 की लागत से मझगवां हमीरपुर एवं चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई योजना का लोकार्पण प्रस्तावित है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकारी मशीनरी एवं राजनीतिकारों द्वारा जन वाहवाही लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं, जिससे सरकारी विभाग एवं जननेताओं का राजनैतिक भविष्य सफल एवं सुखमय हो सके । जैतपुर, पनवाड़ी ग्राम पंचायत को विगत डेढ़ दशक नगर पंचायत को दर्जा देने की मांग की जा रही है। आबादी के लिहाज से ये ग्राम पंचायतें मंडल की सबसे बड़ी पंचायत है। एवं जनसंख्या के मानक, स्कूल , महाविद्यालय , मंडी समिति,ब्लॉक एवं अन्य निर्धारित मानक नगर पंचायत के अनुरूप हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा दर्जनों बार शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। गजट नोटिफिकेशन व आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद भी जैतपुर, पनवाड़ी को नगर पंचायत बनाने हेतु अंतिम मुहर नहीं लग सकी है। इसके लिए यहां की जनता स्थानीय विधायक को जिम्मेदार मान रही है।
विभिन्न सरकारों के अन्य जनप्रतिनिधियों एवं व र्तमान जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता द्वारा प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मुख्यसचिव को सम्बोधित पत्र समय समय पर दिये गए लेकिन अभी तक कोई सुनवाई अमल में नहीं लायी गई। बुन्देलखण्ड अलग राज्य बनाओ अभियान, महोबा मेडिकल काॅलेज , रामनगर अर्धनिर्मित बालिका विद्यालय, महिला महाविद्यालय व रोज़गार से संबंधित योजनाएं भी जनता की नजर में सैकड़ों बार मांग के बावजूद लंबित है, यहां के क्षेत्रों से आज भी हजारों की तादाद में मजदूर रोजगार की तलाश में महानगरों का ही रुख करते हैं। जिस विश्वास पर बुंदेलखंड की जनता ने भाजपा को वर्ष 2017 में सभी प्रचंड बहुमत के साथ विजयश्री दिलाई थी, उसका वह विश्वास आज तक पूरा नहीं हो सका है। लोगों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के इस दौर में उनकी सुध जरूर ली जाएगी।
