कुशीनगर(हि.स.)। कोविड-19 संक्रमण काल के चलते करीब 18 माह से ठप चल बुद्धनगरी का पर्यटन उद्योग चहक उठा है। बौद्ध मॉनेस्ट्री व होटल उद्योग में उत्सव का माहौल है। प्रबंधकों को प्रधानमंत्री के हाथों अन्तर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट के उद्घाटन से पर्यटकों के आने की उम्मीद बढ़ चली है। हालांकि वर्तमान में भी अन्तर-राष्ट्रीय जहाजों का आवागमन बन्द है। किंतु केंद्र सरकार द्वारा 23 देशों से एयर बबल समझौता करने व पांच लाख पर्यटकों को निःशुल्क पर्यटक वीजा जारी किए जाने की योजना से पर्यटकों के आने की सम्भावना प्रबल हो चली है।
कुशीनगर में म्यांमार बुद्ध विहार, थाई वाट, लिन्ह सन टेम्पल वियतनाम, कोरियन टेम्पल, श्रीलंका बौद्ध विहार, भूटान बौद्ध विहार, इंडोशिया बौद्ध विहार समेत कई बौद्ध विहार स्थित हैं। इसके अलावा तीन थ्री स्टार होटल व एक दर्जन स्टार फ्री होटल स्थित हैं। देश विदेश से आने वाले बौद्ध अनुयाई व पर्यटक बौद्ध विहार व होटलों में रुकते हैं। कार्यक्रम के पहले देश भर से आ रहे हजारो बौद्ध भिक्षुओं के लिए बौद्ध मॉनेस्ट्री व होटलों में रहने के प्रबंध हो रहे हैं। भारत व राज्य सरकार का पर्यटन, संस्कृति व पुरातत्व विभाग के अधिकारियों की कई टीमों ने कुशीनगर में डेरा डाल दिया है।
होटल लॉट्स निक्को के महाप्रबन्धक (ऑपरेशन) आरएम गुप्ता ने बताया कि पर्यटक आने शुरू होने के साथ ही पर्यटन उद्योग पटरी पर आना शुरू हो जाएगा। पर्यटन उद्योग पर निर्भर सैकड़ों की संख्या में जो कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं, उनको पुनः रोजगार मिल जाता। उम्मीद है सब कुछ अच्छा होगा।
धरोहरों में फिर गूंजेगी बुद्ध वंदना: एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह में पांच हजार बौद्ध भिक्षु भी आ रहे हैं। बौद्ध भिक्षुओं के बुद्ध वंदना से लंबे समय से सूने बौद्ध धरोहर फिर गूंज उठेंगे। महापरिनिर्वाण मंदिर, रामाभार स्तूप, माथाकुंवर मंदिर परिसर में बौद्धकालीन धरोहर स्थित हैं। जहां बौद्ध एकल व समूह में बैठकर ध्यान साधना विपश्यना करते हैं।
