Monday, March 30, 2026
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प्रदेश में 98 फीसदी गन्ना किसानों को मिलेगा मूल्य वृद्धि का लाभ: सुरेश राणा

लखनऊ(हि.स.)प्रदेश के चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने गन्ना मूल्य में वृद्धि किए जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार प्रकट किया है। उन्होंने सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री ने 25 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य में वृद्धि की है। इससे गन्ने की अगैती फसल 325 के स्थान पर 350 प्रति कुंटल में खरीदी जाएगी। इसी तरह से सामान्य प्रजाति के गन्ने की कीमत 315 के बजाय 340 प्रति कुंतल की गई है। अनुपयुक्त गन्ने की कीमत 305 से बढ़ाकर 330 रुपये प्रति कुंतल किया गया है। खास बात यह है कि प्रदेश में गन्ने की अगैती फसल 98 फ़ीसदी पहुंच गई है। अनुपयुक्त गन्ना केवल एक फीसदी बचा है। योगी सरकार के 25 रुपये प्रति कुंतल मूल्य वृद्धि का लाभ 98 फीसदी किसानों को मिलेगा।

चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुना करने का संकल्प लिया है। उसे पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है। 2017 तक किसानों में निराशा थी। आज किसानों के हितों में तेजी से काम किया जा रहा है। बसपा सरकार में 21 चीनी मिलें बेच दी गयी थीं। योगी सरकार में एक भी मिल बंद नहीं की गई। करीब डेढ़ दर्जन चीनी मिलों की क्षमता वृद्धि की गई। 2017 में सरकार आई तो आठ वर्षों का गन्ना मूल्य बकाया था। हमारी सरकार आई तो पुराना बकाया भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री का मैं अभिनंदन करना चाहता हूं। कल ही उन्होंने 25 रुपये प्रति कुंतल गन्ना मूल्य में वृद्धि की है। किसान की आय बढ़ाने वाले सारे कदम योगी सरकार उठा रही है।

सुरेश राणा ने सोमवार को यहां लोकभवन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 66 प्रति हेक्टर गन्ना की पैदावार थी। आज उत्तर प्रदेश में 81.5 टन प्रति हेक्टेयर पैदावार है। योगी सरकार में 4289 लाख टन पेराई हुई है। राज्य में योगी सरकार आने के बाद आठ लाख हेक्टेयर गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ा है। गन्ना मंत्री ने कहा कि खांडसारी का लाइसेंस जारी नहीं किया जा रहा था। एक खांडसारी इकाई के 15 किलोमीटर के दायरे में दूसरी यूनिट को लाइसेंस नहीं मिलता था। योगी सरकार ने सरलीकरण करते हुए यह दूरी साढ़े सात किलोमीटर कर दिया। अब लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। इससे करीब 50 हजार लोगों के लिए रोजगार पैदा हुआ। महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों में कोविड के दौरान चीनी मिलें बंद की जा रही थी लेकिन उत्तर प्रदेश में 23 जून तक चीनी मिलें चलाई गयीं।

गन्ना मंत्री ने कहा कि आज उत्तर गन्ने की पैदावार में नंबर एक पर है। गन्ने के क्षेत्रफल में नंबर एक है। एथनाल की पैदावार में भी उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। योगी सरकार एक लाख 44 हजार करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में 20 अक्टूबर से चीनी मिलें चालू की जाएंगी। किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार फैसले ले रही है। वरुण गांधी के गन्ना मूल्य 400 रुपये किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री को लिखे पत्र पर राणा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताई। उन्होंने बताया मौजूदा सत्र का 15 फीसदी गन्ना मूल्य बकाया है। यह करीब 4900 करोड़ बकाया राशि है। गन्ना पेराई शुरू होने से पहले यह भुगतान कर दिया जाएगा। किसी एक सत्र में भुगतान गन्ना मूल्य का सर्वाधिक भुगतान करने के मामले में योगी सरकार पिछली सभी सरकारों को पीछे छोड़ दिया।

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