प्रतापगढ़हि.स.)। प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक डॉ.आर के बर्मा के साथ ही छह नामजद और पचास अज्ञात समर्थकों के विरुद्ध अमरोन्ट्रांस इन्फ़ाटेक नोएडा फर्म के मैनेजर इरशाद की शिकायत पर कंधई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के सिसवत में निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण करना सपा विधायक को महंगा पड़ गया है। अमरोन्ट्रांस इन्फ़ाटेक नोएडा फर्म के मैनेजर ने इसे लेकर रानीगंज से सपा विधायक आरके वर्मा पर मुकदमा दर्ज कराया है। निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण कर विधायक द्वारा दीवार गिराने के मामले में सपा विधायक आरके वर्मा समेत 6 नामजद और 45 अज्ञात समर्थकों पर कधई कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें धमकी, गाली-गलौज, बलवा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मरोन्ट्रांस इन्फ़ाटेक नोएडा फर्म के मैनेजर की शिकायत पर शासन के निर्देश के बाद विधायक पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अमरोन्ट्रांस इन्फ़ाटेक नोएडा फर्म के मैनेजर का आरोप है कि विधायक सात गाड़ियों से निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज निरीक्षण करने रानीगंज विधानसभा के शिवसत गांव पहुंचे, जहां विधायक के समर्थकों द्वारा नई बन रही इंजीनियरिंग कॉलेज के दीवार को हिला दिया गया।
इसके बाद विधायक आरके वर्मा ने दीवार गिरा दिया और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मैनेजर द्वारा जब विधायक आरके वर्मा को मना किया तो उनके द्वारा धमकी और गाली गलौज किया गया। सार्वजनिक संपत्ति को जमकर नुकसान पहुंचाया गया। शनिवार को प्रतापगढ़ से मुख्यमंत्री के जाते ही विधायक आरके वर्मा पर मुकदमा दर्ज हुआ।
सपा विधायक आरके वर्मा तीन दिन पहले निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां करोड़ों की लागत से बन रहे इंजीनियरिंग कॉलेज में घटिया गुणवत्ता और घटिया मैटेरियल से कॉलेज का निर्माण होने का उन्होंने आरोप लगाया था।
इस मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी भाजपा सरकार पर निशाना साधे थे।जिसके बाद इंजीनियरिंग कॉलेज के घटिया निर्माण की चर्चा आम हो गई। यहां की दीवारों को भ्रष्टाचार की दीवार की संज्ञा से नवाजा जाने लगा, जिसकी गूंज शासन तक पहुंची।
शनिवार को रात शासन से हरी झंडी और विधायक की दंबगई वाला निरीक्षण से नाराज कार्यदायी फर्म के मैनेजर इरशाद ने विधायक पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दिया, जिसके बाद विधायक और उनको 50 समर्थकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
दीपेन्द्र
