लखनऊ(हि.स.)। वन विभाग की जमीन कब्जा करने के मामले में प्रगति काॅलोनाइजर्स के खिलाफ चल रही लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की जांच में आयुक्त कृषि उत्पादन व औद्योगिक विकास मनोज कुमार सिंह के आदेश की बाधा सामने आ रही है।
एलडीए के उपाध्यक्ष डाॅ.इन्द्रमणि त्रिपाठी को आयुक्त कृषि उत्पादन व औद्योगिक विकास मनोज कुमार सिंह का एक आदेश पत्र मिला है। जिस आदेश पत्र में लिखा गया है कि सरोजनी नगर तहसील के तहत अमौसी ग्राम में प्रगति काॅलोनाइजर्स एक आवासीय परियोजना शुरू करने जा रहा है। परियोजना के लिए एलडीए की एनओसी मांगी जा रही है, जबकि तहसीलदार शशिभूषण की ओर से एनओसी देने में तमाम प्रकार की आपत्तियां लगायी जा रही हैं।
आदेश पत्र के माध्यम से आयुक्त मनोज कुमार ने आगे कहा है कि तहसीलदार के कृत्य से प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में निवेशक भी निवेश करने से पीछे हटेंगे। हतोत्साहित हो जायेंगे। इसके लिए एलडीए उपाध्यक्ष तहसीलदार शशिभूषण को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दें।
उक्त मामले में आदेश मिलने के बाद एलडीए के उपाध्यक्ष डा.इन्द्रमणि ने वास्तविक स्थिति की जानकारी करने के लिए दो अधिकारियों को गोपनीय तरीके से लगाया है, जिससे मामले की वास्तविक स्थिति पता चल सके।
तहसीलदार शशिभूषण ने कहा कि प्रगति काॅलोनाइजर्स के खिलाफ परियोजना के नाम पर वन विभाग और अन्य सरकारी विभागों की जमीन कब्जा करने की शिकायतें आई थीं। इसके बाद काॅलोनाइजर्स के खिलाफ जांच की जा रही थी। तभी समूचे मामले में नया मोड़ आता हुआ दिखा और उनके विरुद्ध एक आयुक्त द्वारा पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए गए।
एलडीए में बीते कुछ वर्षो में प्रगति कऍलोनाइजर्स के नाम पर कोई दूसरा विवाद सामने नहीं आया है। वैसे आशियाना क्षेत्र में काॅलोनाइजर्स के कार्यालय पर एलडीए के अभियंता, कर्मचारियों को आना-जाना रहा है। पीजीआई से लेकर बांग्ला बाजार तक तमाम प्रकार की बिल्डिंगों में प्रगति काॅलोनाइजर्स का नाम जुड़ा हुआ मिलता है।
शरद/सियाराम
