लखनऊ (हि.स.)। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मंगलवार को राजभवन में औंग मलवा, जनपद फतेहपुर के प्रगतिशील किसानों ने शिष्टाचार भेंट की। राज्यपाल ने किसानों से प्राकृतिक खेती से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी है। ये जनहित में होती है। रासायनिक उपयोग से किसान कम भूमि में अधिक उत्पाद प्राप्त कर सकता है, जबकि प्राकृतिक खेती से उतना उत्पादन नहीं होता। किसान कम लाभ प्राप्त होने पर भी जनहित में प्राकृतिक खेती करता है।
किसानों के साथ आयीं डाॅ. अल्का कटियार राज्यपाल को पोषण सुरक्षा हेतु पोषण वाटिका, मोटे अनाज (सुपर फूड), पर एफपीओ सीड हब, शहद उत्पादन, निमेटोड के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। प्रगतिशील किसानों से चर्चा के दौरान जनपद फतेहपुर में सह-फसली फसलों एवं शहद उत्पादन, पोषण वाटिका, नर्सरी में महिलाओं द्वारा किये गये उल्लेखनीय कार्यों के अवलोकन हेतु आमंत्रित किया।
जनपद फतेहपुर में सुपर फूड के उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रगतिशील कृषक राम सिंह पटेल ने स्वयं निर्मित फसली मॉडल में उगाए गए जैविक उत्पादों जैसे-लहसुन, प्याज, परवल, हल्दी और हरी प्याज की नर्सरी राज्यपाल के अवलोकनार्थ प्रस्तुत की। प्रगतिशील महिला किसान कांति देवी से राज्यपाल ने खरीफ प्याज की नर्सरी पर विशेष चर्चा की तथा विशेषज्ञ शैलेंद्र सिंह ने जैविक गन्ना वैरायटी 8436 के गुणों के बारे में व ड्रिप स्प्रिंकलर, डॉक्टर रवीश कटियार मॉलिक्यूलर साइंटिस्ट ने विज्ञान में उन्नत मॉलिक्यूलर तकनीकी के प्रभावों पर जानकारी की। राज्यपाल ने भेंट करने आयीं महिला कृषकों को साड़ी तथा साथ में आए सभी कृषकों को पुस्तक भेंट की। इस अवसर पर शैलेंद्र सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र थरियांव फतेहपुर के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ.जगदीश किशोर एवं अन्य कृषक भी उपस्थित थे।
उपेन्द्र
