Saturday, February 14, 2026
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पोषण माह के दौरान डिजिटल मंचों का प्रयोग करने पर जोर

-मुख्यमंत्री योगी बोले प्रत्येक स्तर पर डिजिटल टेक्नोलाॅजी का किया जाए प्रयोग

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 01 सितम्बर से 30 सितम्बर तक प्रदेश में आयोजित किए जा रहे ‘पोषण माह-2020’ में सभी गतिविधियों को भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जाए। कोविड महामारी के दृष्टिगत केन्द्र सरकार ने पोषण माह के दौरान डिजिटल मंचों का प्रयोग किए जाने पर बल दिया है। 
उन्होंने सेवा प्रदाताओं के उन्मुखीकरण के लिए प्रत्येक स्तर पर डिजिटल टेक्नोलाॅजी का प्रयोग करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सम्बन्धित विभाग इसके लिए अपने स्तर से कार्यवाही करे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्ष 2020 के पोषण माह के दौरान अति तीव्र कुपोषित तथा तीव्र कुपोषित (सैम-मैम) बच्चों की पहचान व प्रबन्धन की कार्यवाही की जाएगी। इसके अलावा, पोषण वाटिका की स्थापना, स्तनपान व ऊपरी आहार को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि पोषण माह को सफल बनाने के लिए प्रदेश सरकार की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि आईसीडीएस विभाग द्वारा सैम-मैम बच्चों की पहचान एवं चिन्हीकरण किया जाएगा। चिन्हित सैम-मैम बच्चों की समुदाय स्तर पर देखभाल के लिए, पोषण पंचायत की बैठकों के माध्यम से समाधान निस्तारित कर पात्र परिवार तक सेवाएं पहुंचायी जाएंगी। गर्भवती महिलाओं तथा 0-2 वर्ष से कम आयु के बच्चों का गृह भ्रमण किया जाएगा। स्तनपान एवं ऊपरी आहार पर परामर्श प्रदान किया जाएगा। अनुपूरक पोषाहार वितरित किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग के साथ मिलकर पौधा रोपण व पोषण वाटिका स्थापित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्र्री सन्दर्भित अति कुपोषित सैम-मैम बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य जांच व आवश्यक उपचार के साथ-साथ चिकित्सा इकाइयों में स्तनपान को प्रोत्साहित करने के लिए जागरूक किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा खाली जमीन पर पोषण वाटिका स्थापित करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सहयोग किया जाएगा। श्रमिक महिलाओं के बच्चों को पोषण अभियान के अन्तर्गत आच्छादित किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार परिवारजनों को मनरेगा के अन्तर्गत आच्छादित किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग प्रत्येक सप्ताह पोषण पंचायत का आयोजन करेगा तथा ग्राम पंचायत के अन्तर्गत कुपोषण की स्थिति के अनुसार आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगा।
प्रवक्ता ने कहा कि पोषण माह के दौरान संचालित गतिविधियों की रिपोर्टिंग भारत सरकार के जन-आन्दोलन डैश बोर्ड पर की जाएगी। इस माह का मुख्य उद्देश्य पोषण सम्बन्धी व्यवहारों की व्यापक जागरूकता जन-जन तक पहुंचाते हुए सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिससे सभी को पोषण के सम्बन्ध में समुचित जानकारी प्राप्त हो सके। 

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