-चुनाव से पहले उप्र में चलने शुरु हुए सियासी तीर
लखनऊ (हि.स.)। विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में सियासी तीर चलने शुरु हो गये हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्वांचल के प्रमुख केंद्र गोरखपुर से समाजवादी पार्टी (सपा) का नाम लिए बगैर उस पर बड़ा हमला बोला। ठीक उसी समय सपा मुखिया अखिलेश यादव पश्चिमी उप्र के मेरठ में थे। उन्होंने वहीं से प्रधानमंत्री के हमले का जवाबी तीर चलाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने गोरखपुर में कहा कि लाल टोपी वाले यूपी के लिए ‘रेड अलर्ट’ हैं यानी जनता के लिए खतरे की घंटी। उन्होंने कहा कि लाल टोपी वालों को तो बस लालबत्ती से मतलब है। इनका जनता के दु:ख दर्द से कोई लेना-देना नहीं। लोहिया और जयप्रकाश के आदर्शों को तो ये लोग न जाने कब का छोड़ चुके हैं। इन लोगों को सत्ता चाहिए, घोटाला करने के लिए, अपनी तिजोरियां भरने के लिए, जमीनों पर कब्जा करने के लिए, माफिया को लूट की खुली छूट देने के लिए, आतंकवादियों पर मेहरबानी करने और उन्हें जेलों से रिहा करने के लिए।
जब प्रधानमंत्री मोदी गोरखपुर में अपना उद्बोधन दे रहे थे, उसी समय सपा मुखिया अखिलेश यादव मेरठ में सपा और रालोद की संयुक्त रैली संबोधित करने पहुंचे थे। उन्होंने वहीं से ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी का जवाब दिया कि भाजपा के लिए ‘रेड एलर्ट’ है महंगाई का, बेरोजगारी-बेकारी का, किसान-मजदूर की बदहाली का, हाथरस, लखीमपुर, महिला व युवा उत्पीड़न का, बर्बाद शिक्षा, व्यापार व स्वास्थ्य का और ‘लाल टोपी’ का क्योंकि वो ही इस बार भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी।
अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘जो पैदा करे खाई, वही भाजपाई।’ इसके बाद मेरठ की रैली संबोधित करते हुए सपा मुखिया ने कहा कि वर्ष 2022 में बदलाव होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि लाल, हरा, सफेद और पीला रंग दिख रहा है, एक रंगी कभी किसी के जीवन में खुशहाली नहीं ला सकता है। रैली में आये लोगों से अखिलेश ने दावा किया कि चुनाव बाद भाजपा सरकार जाने वाली है, परिवर्तन होकर रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज गोरखपुर में खाद कारखाना, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की क्षेत्रीय इकाई रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) का लोकार्पण किया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को 10 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इन तीन बड़ी विकास परियोजना की सौगात देने के बाद उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास की दृष्टि से आज के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में पूर्व की सरकारों की बेरुखी और उनका दोहरा रवैया भी याद आ रहा है। गोरखपुर का बंद पड़ा खाद कारखाना इस समूचे क्षेत्र के किसानों व रोजगार के लिए कितना जरूरी था, लेकिन पूर्व की सरकारों को इसमें दिलचस्पी नहीं थी। एम्स की मांग भी यहां वर्षों से थी। 2017 के पहले की सरकार जमीन देने में ही आनाकानी करने में जुटी थी। पीएम मोदी ने कहा कि एम्स को लेकर बात जब आर-पार की आ गई तब जमीन आवंटित की गई। आज का यह कार्यक्रम उन लोगों को करारा जवाब दे रहा है जिन्हें टाइमिंग पर सवाल उठाने का शौक है।
पीएन द्विवेदी
