एसआरएन के डाक्टरों पर लगा दुष्कर्म का आरोप निराधार
प्रयागराज (हि.स.)। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के रेजीडेन्ट चिकित्सकों पर लगाया गया दुष्कर्म का आरोप अब तक हुई जांचों में जो तथ्य सामने आए हैं। उससे साफ हो गया है कि मृतिका एवं उसके परिजनों द्वारा लगाया गया आरोप निराधार साबित हो रहा है। ये बातें मंगलवार को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एम.के. मदनानी और सचिव डॉ. राजेश मौर्या ने कहा। बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अपील पर 18 जून को पूरे देश में प्रदर्शन दिवस मनाएंगे।
उन्होंने बताया कि 31 मई की रात जिस वक्त मरीज का आपरेशन किया गया। उस समय सात डाक्टरों की टीम थी। जिसमें चार महिला चिकित्सक उपस्थित थी। यहीं नहीं एक डाक्टर दम्पत्ति था। ऐसी हालत में जिस तरह का आरोप लगाया गया है वह सम्भव नहीं है। मरीज की हालत इतनी खराब थी कि उसे बचाने का चिकित्सकों ने पूरा प्रयास किया। लेकिन उसकी जान चली गई।
एक जून को लगाए आरोपों की मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य की जांच और मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा गठित टीम की जांच रिपोर्ट एवं मेडिकल परीक्षण में आरोप निराधार पाए गए। इसके बावजूद पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है, जांच जारी है। लेकिन कुछ लोग अपनी निजी स्वार्थ के लिए डाक्टरों की छवि खराब करने में लगे हुए है।
ए.एम.ए. सचिव डाक्टर राजेश मौर्या ने बताया कि आईएमए के महासचिव डॉ. जयेश एम लेले की बात को दोहराते हुए कहा कि विगत दो सप्ताह के अन्दर असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और कई अन्य स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हो चकी है। कई डॉक्टरों की हड्डिया भी टूटी हैं। कई गम्भीर रूप से घायल हैं। कोरोना महामारी से लड़ने के लिए कई डाक्टरों ने अपनी जान भी गंवा चुके हैं। लेकिन इस तरह के माहौल बन चुके हैं, जिसमें चिकित्सक असुरक्षित महसूस कर रहें हैं। डॉ. सुजीत सिंह ने बताया कि पूरे देश के चिकित्सक 18 जून को अपने चिकित्सकीय कार्य के साथ विरोध प्रर्दशन करेंगे। हाथ में काली पट्टी, बैंच लगाकर विरोध दिवस के रूप में मनाएंगे।
पूरे देश के चिकित्सक 18 जून को मनाएंगे विरोध दिवस
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