लखनऊ (हि.स.)। दरोगा भर्ती परीक्षा 2020-21 की तमाम गड़बड़ियों के संबंध में एफआईआर दर्ज करने के लिए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र पर हजरतगंज थाना प्रभारी श्यामबाबू शुक्ला ने कहा है कि भर्ती में अनियमितता से संबंधित कोई गड़बड़ी उस थाना क्षेत्र में नहीं हुई। अतः हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज किया जाना औचित्यहीन है, क्योंकि दिए गए प्रार्थनापत्र का इस थाने से कोई संबंध नहीं है।
शिकायत में कहा गया था कि इस परीक्षा के अभ्यर्थियों की ओर दिए गए सबूतों से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा परीक्षा एजेंसी के रूप में एनएसईआईटी का चयन पूरी तरह संदिग्ध है। इस कंपनी के कई राज्यों में ब्लैकलिस्टेड होने के बाद भी उसे यह काम दिए जाने के आरोप हैं। वर्ष 2017 में स्वयं उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में इस कंपनी के रहते पेपर लीक हो जाने के कारण परीक्षा स्थगित करनी पड़ी थी। साथ ही जिस प्रकार परीक्षा के दौरान एसटीएफ ने गोरखपुर, अलीगढ सहित तमाम स्थानों पर एनएसईआईटी को आरोपित करते हुए कई एफआईआर दर्ज कराए, वह भी इस मामले को गंभीर बनाता है।
अमिताभ और नूतन ने कहा है कि इस मामले में बोर्ड पर आरोप हैं जो हजरतगंज थाना क्षेत्र में आता है। अतः थाने की रिपोर्ट पूरी तरह गलत है। उन्होंने तत्काल एफआईआर की मांग की है।
दीपक
